10140 फीट की ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी 9.02 किलोमीटर अटल टनल रोहतांग के निर्माण में लगे करीब 1500 इंजीनियरों और कामगारों की डाक्यूमेंट्री बनाई जाएगी। इनमें 1200 इंजीनियर और कामगार एफकॉन कंपनी के हैं। ये टनल निर्माण में आई चुनौतियों को साझा करेंगे। हालांकि, टनल के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंजीनियरों और कामगारों पर डाक्यूमेंट्री बनाने का जिम्मा रक्षा, शिक्षा मंत्रालय और बीआरओ को दिया है। सेरी नाला के पानी का बहाव डायवर्ट करने के लिए इंजीनियरों को कई प्रयोग करने पड़े हैं। बताया जा रहा है कि पाइप डालकर टनल के पानी को दोनों तरफ डायवर्ट किया है। 3200 करोड़ से बनी टनल में सबसे अधिक धन और समय सेरी नाला पर ही खर्च हुआ है।