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Shimla News: गोवा से दिल्ली होकर शिमला पहुंचाया जा रहा खतरनाक एलएसडी नशा

Sun, 15 Mar 2026 11:33 AM IST
शिमला ब्यूरो देवेंद्र ठाकुर, शिमला।

सार

एलएसडी की तस्करी का रूट गोवा से राजस्थान और यहां से दिल्ली तक है। इसका खुलासा शिमला पुलिस की प्रारंभिक जांच में हुआ है। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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राजधानी के न्यू शिमला में पकड़ा एक करोड़ रुपये का एलएसडी नशा गोवा से तस्करी करके पहुंचाया गया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सप्लायर और आरोपियों की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। अब पुलिस इस नशा तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
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तकनीकी पहलुओं के अलावा नशा तस्करी के पुराने मामलों को आधार बनाकर भी जांच की जा रही है। अभी तक की छानबीन में पता चला है कि एलएसडी की तस्करी का रूट गोवा से राजस्थान और यहां से दिल्ली तक है। इसके बाद नशा उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में पहुंचाया जाता है। यहां इस नशे को विदेशी पर्यटकों के साथ ही बड़े-बड़े रिजॉर्ट और होटलों में गुपचुप होने वाली रेव पार्टियों में परोसा जाता है। नशे की एक डोज की कीमत उसकी गुणवत्ता के हिसाब से दस हजार रुपये प्रति स्टि्रप होती है। इसमें लाखों, करोड़ों का मुनाफा ही इसकी तस्करी का मुख्य कारण है। अभी तक हिमाचल के कुल्लू जिले में ही एलएसडी के मामले सामने आए हैं।

राजधानी शिमला में इतनी बड़ी मात्रा में एलएसडी पकड़े जाने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां यह खंगाल रही हैं कि नशे की खपत कहां-कहां हो रही है। नशे के इस्तेमाल के लिए होने वाली पार्टियों के आयोजक कौन है। अभी तक पुलिस इस मामले में संदीप शर्मा निवासी पंजाब, प्रिया शर्मा सिरमौर और नशे के सप्लायर नविएल हैरिसन को गिरफ्तार कर चुकी है। नविएल हैरिसन केरल का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक नविएल हैरिसन और संदीप दोनों एलएसडी नशे की तस्करी को लेकर काफी समय से सक्रिय थे। अब पुलिस दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले शिमला में इस नशे की तस्करी तो नहीं की थी। वहीं सरगना नविएल हैरिसन को अदालत ने छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।

ऐसे सामने आया मामला
शिमला पुलिस ने 10 मार्च को न्यू शिमला में एक फ्लैट में दबिश देकर युवक और युवती को 11.570 ग्राम एलएसडी के साथ गिरफ्तार किया था। एलएसडी के 562 स्टि्रप की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक करोड़ रुपये आंकी जा रही है। पता चला है कि आरोपी दो से तीन दिन पहले ही यहां पहुंचे थे और नशे को बड़ी पार्टियों के आयोजकों के साथ खपाने की कोशिश में थी। पुलिस के नेटवर्क को इसकी भनक लग गई और दोनों आरोपियों को नशे के साथ पकड़ लिया।
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इसके बाद पुलिस ने तकनीकी पहुओं को खंगाला और पूछताछ की तो पता चला कि इस नशा तस्करी के नेटवर्क के पीछे नविएल हैरिसन है। पुलिस ने आरोपी को हरियाणा के गुरुग्राम के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस इसकी तस्करी में संलिप्त अन्य लोगों के बारे में सबूत जुटाने का प्रयास कर रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि संदीप शर्मा नविएल हैरिसन को बदले में कैनाबिस (गांजा) उपलब्ध करवाता था।

एलएसडी नशे के मामले में पुलिस हर पहलु की गंभीरता से जांच कर रही है। अभी तक पता चला है कि नशा गोवा से यहां पहुंचाया गया था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर इस नेटवर्क की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। -गौरव सिंह, एसएसपी शिमला
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