हिमाचल में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की हालत शीघ्र सुधरने वाली है। इन सड़कों को ग्रीन टेक्नोलॉजी के आधार पर मखमली बनाया जाएगा। भारत सरकार से प्रदेश की 112 सड़कों और एक पुल के लिए 964.25 करोड़ रुपये बजट की स्वीकृति मिली है। यह बजट प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी सड़कों के अपग्रेडेशन के लिए मिला है। इसमें केंद्र सरकार का 867.82 करोड़, जबकि प्रदेश सरकार का 96.44 करोड़ रुपये का योगदान शामिल है।
प्रदेश में कुल 1251.16 किलोमीटर सड़कों की उन्नयन होगा। इन सड़कों का उन्नयन भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की जीएंडसीआर नई तकनीक के तहत होगा। इन सड़कों के लिए स्थानीय स्तर पर वेस्ट प्लास्टिक मैटीरियल, ठंडी तारकोल और डंगों इत्यादि के लिए क्रेट आदि का प्रयोग होगा।
लोक निर्माण विभाग ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों को अपग्रेड करने के लिए डीपीआर तैयार करने के बाद बजट के लिए फाइल केंद्र सरकार के पास भेजी थी। अभी हाल ही में आयोजित इंपॉवरड कमेटी की बैठक में बजट की स्वीकृति दी गई है। उधर, ग्रामीण विकास मंत्रालय की निदेशक डॉ. सुरभि राय ने इस संदर्भ में प्रधान सचिव हिमाचल सरकार को स्वीकृति पत्र भेजकर सूचना प्रेषित कर दी है।
इन जिलों में इतनी किलोमीटर सड़कों पर खर्च होगा बजट
कांगड़ा जिला में 234 किलोमीटर सड़क के लिए 15669.56 लाख रुपये, मंडी में 211 किलोमीटर सड़क के लिए 17445.23 लाख रुपये, शिमला की 129 किलोमीटर सड़क के लिए 9209.74 लाख रुपये, हमीरपुर की 80 किलोमीटर सड़क के लिए 6476.17 लाख रुपये, सिरमौर की 77 किलोमीटर सड़क, सोलन की 71 किलोमीटर, ऊना की 85 किलोमीटर, लाहुल स्पीति की 31 किलोमीटर, कुल्लू की 101 किलोमीटर, किन्नौर की 33 किलोमीटर सड़क, चंबा की 95 और बिलासपुर की 62 किलोमीटर सड़क का उन्नयन होगा। इसके साथ ही एक पुल के निर्माण के लिए भी बजट मिला है। जबकि सड़कों पर पांच साल तक मरम्मत कार्य के लिए अलग से बजट स्वीकृत हुआ है।