बिलासपुर जिले को स्क्रब टायफस ने जकड़ लिया है। अभी तक जिला में 93 मरीजों में स्क्रब टायफस की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से कुछ मरीज जिला अस्पताल में भर्ती किए गए हैं तो कुछ मरीज शिमला आईजीएमसी में उपचाराधीन हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर ने अभी तक 830 मरीजों का स्क्रब टेस्ट भी कर लिया है। इनमें से कुल 93 स्क्रब से पीड़ित हैं।
इस तरह बिलासपुर जिले में तेजी से बढ़ता जा रहा स्क्रब टायफस आने वाले समय के लिए खतरनाक सिद्ध होता जा रहा है। वहीं, मामले की पुष्टि करते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परविंद्र सिंह ने बताया कि विभाग ने जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग की टीमें जिलेभर में लोगों को जागरूक करने के लिए घरद्वार जा रही है।
गौरतलब है कि पिछले साल की बात की जाए तो यहां पर स्क्रब टायफस के मामले 100 से अधिक थे क्योंकि यहां पर स्क्रब से ज्यादा डेंगू प्रभावित था लेकिन अब यहां पर डेंगू का एक भी मामला न होने के चलते स्क्रब टायफस अधिक फैल गया है।
इसके चलते आए दिन जिला अस्पताल में स्क्रब से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्क्रब टायफस के लिए नि:शुल्क टेस्ट भी किए जा रहे हैं। अगर किसी भी मरीज में स्क्रब टायफस के लक्षण पाए जा रहे हैं तो चिकित्सक उनके तुरंत स्क्रब टायफस के टेस्ट कर रहे हैं।
स्क्रब टायफस के लक्षण
तेज बुखार जो 104 से 105 डिग्री, सिर और जोड़ो में दर्द व कंपकंपी के साथ बुखार, शरीर में ऐंठन, अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना, अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजूओं के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना इत्यादि स्क्रब टायफस के लक्षण हैं।
स्क्रब टायफस के लिए रोकथाम
खेतों, झाड़ियों एवं घास में काम करते समय पूरा शरीर ढककर, शरीर में सफाई का ध्यान रखना, घर तथा आसपास के वातावरण को साफ रखना, घर के चारों ओर घास, खरपतवार नहीं उगने दें, घर के अंदर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें।