अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। पेयजल संकट पर हो रही सरकार की फजीहत से नाराज मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अफसरशाही को निर्देश दिए हैं। इस पर प्रदेश के मुख्य सचिव विनीत चौधरी, आईपीएच सचिव देवेश कुमार और अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने घंटो उपायुक्त कार्यालय में मंत्रणा की और इस दौरान निगम आयुक्त को बुला कर पेयजल संकट को लेकर पूरा फीडबैक लिया।
यह पहली बार है जब जल संकट को लेकर उपायुक्त कार्यालय में मुख्य सचिव के साथ बैठक हुई है। बैठक में फैसला लिया गया है कि मंगलवार से मुख्य सचिव सहित पूरी अफसरशाही सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक फील्ड में रह कर पानी के आवंटन पर नजर रखेगी। हालांकि यह साफ नहीं किया गया है कि कौन सा अफसर किस सेक्टर में तैनात रहेगा।
उपायुक्त शिमला ने दावा किया है कि हर एक घंटे में पेयजल आपूर्ति तथा वितरण की समीक्षा की जा रही है। इसके लिए जिला के वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है। सोमवार को पेयजल संकट की समीक्षा के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक भी हुई। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त देवाश्वेता बनिक, आयुक्त नगर निगम रोहित जमवाल, एडीएम (कानून एवं व्यवस्था) प्रभा राजीव, एडीएम (प्रोटोकॉल) जीसी नेगी, एसई नगर निगम धर्मेंद्र गिल, एसडीएम शिमला शहरी नीरज चांदला, एसडीएम शिमला ग्रामीण अनिल शर्मा मौजूद रहे।
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सोलन, बिलासपुर से मंगवाए टैंकर
उपायुक्त ने बताया कि जिन क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है, वहां 22 टैंकरों और छोटे वाहनों से पानी दिया जा रहा है। टैंकर भेजने की सूचना संबंधित क्षेत्र के पार्षद को भी दी जा रही है, ताकि लोगों के साथ समन्वय स्थापित हो सके। पेयजल आपूर्ति के लिए सोलन से 10 और बिलासपुर से चार टैंकर मंगवाए गए हैं।
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पानी के लिए टैंकर के लिए घुमाएं 1077
उपायुक्त ने बताया कि पानी की किल्लत होने पर टैंकर के लिए लोग 1077 पर फोन कर सकते हैं।
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जब फोन किया तो जवाब मिला कंट्रोल रूम पता करो
उपायुक्त शिमला की ओर से पानी का टैंकर मंगवाने के लिए जारी किए गए 1077 नंबर पर जब अमर उजाला ने फोन किया तो फोन उठाने वाले कर्मी ने बताया कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। पानी के लिए आपको नगर निगम के कंट्रोल रूम में फोन करना पड़ेगा। उपायुक्त ने बताया कि 1077 नंबर चालू करने के आदेश दे दिए गए हैं जल्द नंबर एक्टिवेट कर दिया जाएगा।