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नहीं रुकेंगे शुरू हो चुके प्रोजेक्टों के काम

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों को लागू करने का प्रारूप तैयार करने के लिए नगर निगम आयुक्त जीसी नेगी ने अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों पर विस्तार से चर्चा की गई। एनजीटी के आदेश आने के बाद शहर में नगर निगम और कई विभागों के नए प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य जल्द शुरू नहीं हो पाएगा। हालांकि, जिन प्रोजेक्टों का कार्य शुरू हो चुका है, उनका काम जारी रहेगा। इसमें पार्किंग, अस्पताल भवन सहित कई सरकारी भवन शामिल होंगे। उन्हें यह फैसला प्रभावित नहीं करेगा।
बैठक में एनजीटी के आदेशों के मुताबिक ही आने वाले समय में नक्शे पास करने और भवन निर्माण को मंजूरी दिए जाने की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले तीन माह तक नए नक्शे पास नहीं होंगे और अब तक आए आवेदनों पर भी नक्शों को मंजूरी नहीं दी जाएगी। ग्रीन और कोर एरिया में निर्माण पर पूरी तरह से रोक रहेगी। प्लानिंग एरिया में भी तीन माह तक नक्शों को पास नहीं किया जाएगा। इन तीन माह में लोग नक्शे पास करवाने को आवेदन जरूर कर सकते हैं। सभी लंबित नक्शों के मामलों को निर्माण के लिए एनजीटी के आदेशों के मुताबिक प्लान तैयार हो जाने के बाद ही नगर निगम मंजूरी देगा। बैठक में नगर निगम के योजना वास्तुकार एपी डीके नाग, लॉ आफिसर जोेगेंद्र चौहान ने आयुक्त के साथ बैठक कर एनजीटी के पूरे आदेशों के पहलुओं पर चर्चा की।
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टीसीपी बनाएगा प्लान, नगर निगम देगा सुझाव
बैठक में आयुक्त ने कहा कि एनजीटी के आदेशों के मुताबिक नगर निगम क्षेत्र में निर्माण को शहरी विकास विभाग (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) ही प्लान तैयार करेगा। नगर निगम में इसमें अपने सुझाव देगा। उधर, नगर निगम आयुक्त जीसी नेगी ने कहा कि एनजीटी के आदेशों को लागू करने के लिए इस पर अमल किया जाएगा। शहरी विकास विभाग से प्लान तैयार किए जाने के बाद इसे शहर में निर्माण के लिए लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधि अधिकारी और योजना वास्तुकार के साथ आदेशों पर चर्चा की गई है।
मंजूर नक्शों पर काम शुरू करने के नहीं आदेश
बैठक में नगर निगम से पास हो चुके नक्शों पर नया काम शुरू किए जाने पर कोई फैसला या दिशा निर्देश नहीं दिए गए हैं। चूंकि, एनजीटी के फैसले में भी ऐसे मामलों पर कोई साफ दिशा निर्देश नहीं हैं। आयुक्त ने विधि अधिकारी को इस पर बारीकी से आदेशों का अध्ययन करने को कहा है।
भवन नियमित करवाने, सैस वसूली पर फैसला नहीं
नगर निगम के अधिकारियों की बैठक में रिटेंशन के तहत भवन नियमित करवाने और हो चुके निर्माण कार्य पर ग्रीन सेस वसूली पर कोई फैसला नहीं हो सका। अब तक यह तय नहीं हुआ है कि कैसे डेविएशन को निकाला जाएगा और किस हिसाब से और कैसे भवनों को नियमित करने की फीस और ग्रीन सैस वसूल किया जाएगा।
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नगर निगम के प्रोजेक्ट भी हो सकते हैं प्रभावित
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्माण को लेकर आए आदेशों से स्मार्ट सिटी और गरीबों के लिए आशियाने बनाने के राजीव आवास योजना के प्रोजेक्ट के साथ स्मार्ट सिटी और अमृत मिशन के करीब 50 प्रोजेक्ट का निर्माण भी प्रभावित हो सकता है।
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