मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार न केवल दवाओं की उपलब्धता को लेकर संवेदनशील है, बल्कि बुनियादी ढांचे को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि शिमला में 12 बेड की सुविधा वाला एक आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।
मौजूदा चार बेड सुविधाओं के साथ एक और आईसीयू को जोड़ा गया है ताकि इससे प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू की घटनाओं में आई गिरावट के बावजूद भी राज्य सरकार ने आईजीएमसी शिमला में 8000 उन्नत कैप्सूलों का स्टॉक उपलब्ध करवाया गया है ताकि स्वाइन फ्लू को फैलने से रोका जा सके।
जय राम ठाकुर ने कहा कि दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए ताकि रोगियों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए जहां से एच1 एन1 संक्रमण के अधिक मामले सामने आए हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पॉजिटिव मामलों का पूर्ण विश्लेषण करने को कहा, ताकि समय रहते बीमारी की रोकथाम के लिए आवश्यक उपाय किए जा सकें।
उन्होंने कहा कि विशेष चिकित्सा दलों को उन क्षेत्रों में तैनात किया जाना चाहिए जहां अधिकतम मामले सामने आए हैं। उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जहां से एच1 एन1 संक्रमण के अधिक मामले सामने आए हैं।
बैठक में मुख्य सचिव बीके अग्रवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. अजय कुमार गुप्ता, आईजीएमसी के प्रधानाचार्य डॉ. रवि शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज, निदेशक एनएचआरएम मनमोहन शर्मा आदि मौजूद थे