अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के लिए आई इलेक्ट्रिक बसों की पासिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी 30 बसों को शहर के लोकल रूटों पर चला दिया है। एचआरटीसी प्रबंधन इलेक्ट्रिक बसों को मुद्रिका, न्यू शिमला, ढली, आईएसबीटी और सोलन रूटों पर चला रहा है।
बिना धुएं और आवाज के सड़कों पर दौड़ रहीं इलेक्ट्रिक बसें शहर के लोगों को पहली पसंद बन गई है। एचआरटीसी ने 30 इलेक्ट्रिक बसों का शहर में संचालन शुरू कर दिया है। नीले और संतरी रंग की यह बसें यात्रियों को खासा आकर्षित कर रही हैं। डीजल बसों के मुकाबले इलेक्ट्रिक बस का सुविधाजनक सफर लोगों को खासा भा रहा है। बसों के लिए एचआरटीसी ने ढली वर्कशाप और ओल्ड बस स्टैंड में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया है। टूटीकंडी आईएसबीटी में भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना है।
बिना नंबर प्लेट के दौड़ रही बसें
शहर में 19 फरवरी से इलेक्ट्रिक बसें चलना शुरू हो गई थीं। मौजूदा समय में 30 इलेक्ट्रिक बसें शहर में चल रही हैं, लेकिन अब तक इन बसों में नंबर प्लेटें नहीं लगी हैं। 30 दिन के भीतर बसों में नंबर प्लेट लगना अनिवार्य होता है।