उपमंडल बड़सर के एक निजी स्कूल में स्थापित परीक्षा केंद्र में नीट के दौरान अचानक छत की सीलिंग गिर गई। परीक्षा देने बैठे छात्र-छात्राएं बाल बाल बचे। इस दौरान परीक्षा केंद्र में अफरातफरी मच गई। छत की सीलिंग गिरने से परीक्षा देने आए छात्र-छात्राएं सहम गए। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के लिए इस तरह के परीक्षा केंद्र आवंटित करने पर कई तरह के सवाल उठने शुरू हो गए हैं। इसके साथ ही जिला मुख्यालय हमीरपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर उपमंडल बड़सर में परीक्षा केंद्र आवंटित करने पर भी अभिभावकों में नाराजगी है।
रविवार को मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए राष्ट्र स्तर की प्रवेश परीक्षा नीट का आयोजन हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर और राजधानी शिमला में किया गया। हमीरपुर में जिला मुख्यालय पर 2 दर्जन से अधिक शिक्षण संस्थानों के बहुमंजिला भवन होने के बावजूद परीक्षा का संचालन करने वाली एजेंसी ने मीलों दूर परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र आवंटित किए। जिसके चलते परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में पहुंचने में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इसी के साथ ही रविवार को दोपहर 2.00 बजे शुरू हुई इस परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र की छत की सीलिंग गिरने से परीक्षा के संचालन करने वाली एजेंसी पर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। उधर बच्चों और उनके अभिभावकों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि रविवार को 2.00 बजे उपमंडल बड़सर के एक निजी स्कूल में स्थापित परीक्षा केंद्र में अचानक छत की सीलिंग गिर गई।
जिससे परीक्षा केंद्र में हड़कंप मच गया। अभिभावकों ने बताया कि नीट की परीक्षा के लिए प्रत्येक बच्चे ने 1600 रुपये परीक्षा शुल्क का भुगतान किया है। लेकिन, जिला मुख्यालय की बजाय बच्चों को मीलों दूर यहां-वहां परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए। जिस उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर, एसडीएम बड़सर विशाल शर्मा ने बताया कि नीट की परीक्षा का संचालन एनटीए खुद करती है। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा से स्थानीय और जिला प्रशासन का कोई संबंध नहीं होता है।