निजी और सरकारी जमीन पर जानबूझकर पेड़ों की जड़ें खोखला कर इन्हें खतरनाक बनाने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। वन विभाग न सिर्फ इनकी डैमेज रिपोर्ट (डीआर) काटेगा बल्कि इन पेड़ों को काटने की मंजूरी भी नहीं देगा।
इसके अलावा संबंधित व्यक्ति पर खतरनाक बन चुके पेड़ को बचाने की जिम्मेदारी डाली जाएगी। इसके बावजूद यदि पेड़ गिरता है और इससे संपत्ति को नुकसान होता है तो उसका जिम्मेदार संबंधित व्यक्ति ही होगा।
शहर में हरे पेड़ों को जानबूझकर खतरनाक बनाए जाने के मामले पकड़े जाने के बाद वन विभाग और नगर निगम ने यह फैसला लिया है। नगर निगम की ट्री अथॉरिटी कमेटी के पास हर साल खतरनाक पेड़ों को काटने के लिए सैकड़ों आवेदन आते हैं। इस साल भी पांच सौ से अधिक पेड़ों को काटने के आवेदन आ चुके हैं। इनमें से 170 पेड़ों की सूची के तहत कमेटी शहर के वार्डों का दौरा कर रही है।
अब तक 66 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिनमें भूमि मालिक खुद पेड़ों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई ऐसे भी मामले हैं जहां प्लॉट खाली करने के लिए लोग पेड़ों को गिराना चाहते हैं तो किसी की धूप पेड़ से रुक रही है। वीरवार को 50 और शुक्रवार को 16 ऐसे मामले पकड़े गए हैं।
सदन देगा मंजूरी, सरकार को जाएगी रिपोर्ट
ट्री कमेटी ने जिन पेड़ों को खतरनाक की श्रेणी में रखा है, उन्हें कटवाने के लिए प्रस्ताव सदन में जाएगा। सदन से पारित होने के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। दावा किया जा रहा है कि बर्फबारी के मौसम से पहले ही इन पेड़ों को हटा दिया जाएगा।
नुकसान पहुंचाने वाले पर दोहरी कार्रवाई
ऐसे भूमि मालिक जो जानबूझकर पेड़ों को खतरनाक बना रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। इनके खिलाफ विभाग डैमेज रिपोर्ट काटी जाएगी। साथ ही पेड़ को काटने की मंजूरी नहीं देेगा।
- इंद्र कुमार, डीएफओ शिमला शहरी
ट्री कमेटी ने किया खलीनी, समरहिल का दौरा
ट्री अथॉरिटी कमेटी ने शुक्रवार को खतरनाक पेड़ों को चिन्हित करने के लिए खलीनी, डारटन एरिया, चौड़ा मैदान, गोरखा इस्टेट, समरहिल, क्लीयर विला और रेड स्टोन इलाकों का दौरा किया। कमेटी ने इस दौरान कई ऐसे पेड़ों को चिन्हित किया है जिन्हें जल्द कटवा दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान आधा दर्जन से अधिक पेड़ सही हालत में पाए गए।
कई पेड़ ऐेसे भी हैं जिन्हें भवन मालिक निर्माण करके नुकसान पहुंचा रहे हैं। भवन मालिकों के खिलाफ डीआर काटने के निर्देश जारी किए हैं। 16 पेड़ ऐसे पाए गए हैं जिन्हें भूमि मालिकों ने जानबूझकर नुकसान पहुंचाया है। मेयर कुसुम सदरेट ने कहा कि कई जगह खतरनाक पेड़ मिले हैं जिन्हें जल्द हटाने को कहा जाएगा।