सालों से प्रापर्टी टैक्स न चुकाने वाले भाजपा विधायक बलवीर वर्मा के किराएदार से अब नगर निगम ने किराए की वसूली टैक्स की बकाया राशि को लेकर करना शुरू कर दी है। जुलाई में पहली किस्त के तौर पर करीब सात लाख रुपये निगम के खाते में जमा भी हो गए हैं। अब हर महीने यह किराएदार अपना किराया विधायक को देने की जगह निगम के खाते में जमा करवाएगा।
नगर निगम के अनुसार विधायक से प्रॉपर्टी टैक्स के करीब 50 लाख रुपये लेने हैं। कई नोटिस देने के बाद भी जब टैक्स नहीं आया तो निगम ने रेंट अटैचमेंट की कार्रवाई कर दी। उधर, विधायक ने टैक्स असेस्मेंट को लेकर आपत्ति जताई थी। लेकिन निगम ने उनके किराएदार को नोटिस थमा दिया।
अब विधायक की प्रापर्टी में जो मॉल चल रहा है उसका किराया निगम के खाते में जमा होगा। मॉल प्रबंधन ने सात लाख रुपये की पहली किस्त निगम के खाते में जमा करवा दी है। निगम के कर सचिव सुरेश शर्मा ने बताया कि विधायक के किराएदार से पहली किस्त सात लाख रुपये में मिली है।
आईएसबीटी की प्रापर्टी दोबारा नापी जाएगी। इसके बाद टैक्स की राशि तय होगी। नगर निगम ने इसके खिलाफ भी रेंट अटैचमेंट की कार्रवाई की थी। लेकिन आईएसबीटी प्रबंधन मंगलवार को आयुक्त के पास पहुंच गया। यहां कर शाखा के अधिकारियों की मौजूदगी में टैक्स असेस्मेंट को लेकर सवाल उठाए।
फैसला लिया गया कि प्रबंधन की संतुष्टि के लिए दोबारा प्रापर्टी की असेस्मेंट की जाएगी। इसके बाद जो टैक्स बनेगा, उसकी ब्याज समेत वसूली होगी। निगम अगले दो तीन दिन में इसका मूल्यांकन पूरा कर देगा। आईएसबीटी से निगम को तीन करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स वसूलना है।
आयुक्त पंकज राय के निर्देशों पर निगम की जलशाखा ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर रही है जिन्होंने पानी बिल नहीं चुकाया है। सोमवार तक इसकी फाइल तैयार हो जाएगी। इसके बाद एक महीने के भीतर इनसे वसूली होगी। बिल न देने पर कनेक्शन काटे जाएंगे।
निगम अभियंता विजय गुप्ता ने बताया कि इससे पहले होटलों और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के खिलाफ भी यह कार्रवाई की जा चुकी है।