शिमला।
छुट्टियों के कारण मैदानी इलाकों से पर्यटक शिमला पहुंच रहे हैं। हिल्सक्वीन में इन दिनों पर्यटकों की भरमार है। राजधानी की सड़कों पर जहां जाम लग रहा है वहीं पार्किंग के नाम पर सैलानियों को लूटने का धंधा भी शुरू हो गया है।
गाड़ी पार्क करने के लिए वाहन मालिकों से तय रेट से 50 प्रतिशत अधिक किराया वसूला जा रहा है। नगर निगम की ओर से तय रेट को पार्किंग के ठेकेदार दरकिनार कर रहे हैं। साथ ही ठेकेदारों ने रेट लिस्ट भी नहीं लगा रखी है। ऊपर से वाहन मालिकों को फीस की पर्ची भी नहीं दी जा रही है। राजधानी शिमला की अधिकतर पार्किंग्स इन दिनों पैक हैं।
सोमवार को लिफ्ट पार्किंग से गाड़ी निकालने आए फरीदाबाद के हरविंदर ने बताया कि रविवार को उन्होंने 24 घंटे के लिए गाड़ी लगाई थी। इसकी एवज में 200 रुपये वसूले गए। उनके साथ आए परमिंदर सिंह से 24 घंटे के लिए गाड़ी खड़ी करने पर 300 रुपये वसूल लिए।
परमिंदर ने बताया कि जब पर्ची मांगी गई तो पर्ची नहीं दी गई। दिल्ली के काशिब ने बताया कि दो दिन गाड़ी पार्क की तो उनसे 400 रुपये लिए गए।
पार्किंग्स में सैलानियों से मनमानी वसूली करने वालों के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की ओर से निर्धारित पार्किंग फीस से अधिक वसूली पूरी तरह गैर कानूनी है। इसे बर्दाश्त नहीं
किया जाएगा।
- जीसी नेगी, आयुक्त, नगर निगम शिमला