हिमाचल के शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा ने प्रदेश को 810 करोड़ का बजट स्वीकृत होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और टीचर ट्रेनिंग को मिलाकर अब समग्र शिक्षा अभियान बना दिया गया है।
बुधवार को हुई बैठक में इस अभियान के लिए केंद्र सरकार से 950 करोड़ के बजट की मांग की गई। केंद्र सरकार ने हिमाचल के प्रस्ताव पर मंथन करने के बाद 810 करोड़ का बजट मंजूर किया। बैठक में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली भी मौजूद रहे।
बजट को शिक्षा क्षेत्र में नई योजनाएं शुरू करने, खेल गतिविधियों को बढ़ाने, पुस्तकालयों को मजबूत करने, डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने पर खर्च किया जाएगा। नवीं से जमा दो कक्षा वाले 80 सरकारी स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा के तहत नए कोर्स शुरू किए जाएंगे।
इन स्कूलों में विद्यार्थियों को टेलरिंग, ब्यूटिशियन, प्लंबरिंग और मल्टी स्किल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्यार्थियों को रोजगार आधारित शिक्षा देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी दी है। साल 2017-18 के दौरान हिमाचल ने 834 करोड़ के बजट की केंद्र सरकार से मांग की थी। केंद्र ने 408 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था।