रोहतांग दर्रा पार करते विद्यार्थी
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दल के साथ आए 66 वर्षीय सोनम अंदुई और 41 वर्षीय तेंजिन फुंचोग ने बताया कि बच्चों के साथ 15 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित शिंकुला दर्रा पार कर केलांग पहुंचने के लिए पांच दिन का समय लगा है।
दो दिन से सुरंग से होकर रोहतांग पार करने की इजाजत नहीं मिलने से उन्हें दर्रे से होकर मनाली पहुंचना पड़ा। उन्होंने बताया कि कोकसर से बचाव दल के सदस्यों की सहायता से रोहतांग दर्रा पार किया और मनाली रवाना हुए।
कोकसर में तैनात बचाव चौकी के प्रभारी पवन ठाकुर ने बताया कि गुरुवार सुबह मौसम ठीक होने पर जंस्कर से आए लोगों को पैदल दर्रा पार करवा कर मनाली रवाना किया है। सभी लोग शाम के वक्त मनाली पहुंच गए हैं।