देश के किसानों का कृषि ऋण भी माफ किया जाना चाहिए। छह हजार वार्षिक समर्थन आय काफी कम है परंतु सरकार ने यह शुरुआत करके अच्छा कदम उठाया है। इस राशि को बढ़ाकर कम से कम 18 हजार प्रति माह किया जाना चाहिए।
तभी जाकर किसानों और बागवानों को वित्तीय न्याय मिल सकेगा। हरीश चौहान कहते हैं कि वर्तमान में किसानों की 22 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाता है जबकि किसान कई तरह की दालें, तिलहन, सब्जियां और फल उगाते हैं।
वर्तमान में गेहूं, धान, कपास, गन्ना, मूंग, उड़द तिलहनों सरसों, सोयाबीन सेब, आम, किन्नू, माल्टा और गलगल का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाता है। जो किसान अन्य फसलों, फलों और सब्जियों की पैदावार करते हैं, उनके लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाना चाहिए।