केंद्रीय अंतरिम बजट में आयकर छूट की सीमा को 2.50 लाख से बढ़ाकर पांच लाख करने पर कर्मचारी महासंघ ने इसे ऐतिहासिक बताया है। इससे सूबे के 75 हजार वेतन भोगियों को एकमुश्त इतनी बड़ी राहत मोदी सरकार ने दी है।
महासंघ के संयोजक विनोद कुमार ने कहा कि 2004 के बजट में आयकर छूट में मिलने वाली स्टैंडर्ड डिडक्शन बंद कर दी थी। इसे मोदी सरकार ने पिछले साल के बजट में 40,000 रुपये की छूट दी, जो वर्तमान बजट में बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी है।
स्टैंडर्ड डिडक्शन का मामला कर्मचारी परिसंघ के नेताओं ने 2017 में वित्त मंत्री अरुण जेटली केध्यान में लाया था। मध्य वर्गीय कर्मचारी 5,000 से 15,000 रु पये तक अपनी बचत कर पाएगा, क्योंकि 1.50 लाख बचत राशि के साथ 7.00 लाख तक आय वाले कर्मचारी आयकर दायरे से बाहर हो जाएंगे।
विनोद कुमार ने रिटायरमेंट ग्रेच्युटी को 10 से बढ़ाकर 20 लाख करने को सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए तोहफा बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 21 हजार तक वेतन पाने वाले मजदूर और कर्मचारियों को सालाना 7,000 रुपये बोनस का राहत भरा फैसला किया है।
राष्ट्रीय पेंशन योजना के अंतर्गत सरकारी अंशदान को 10 से 14 प्रतिशत तक करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के वेतनमान में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर देश के हर वर्ग को बड़ी राहत और तोहफे दिए हैं।