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हिमाचल में सड़कों-पुलों की 72 परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया पर रोक, ये है वजह

Mon, 14 Dec 2020 02:20 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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सड़क-सांकेतिक
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हिमाचल में लोक निर्माण विभाग ने सड़कों और पुलों की 72 नई परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। रोक इसलिए लगाई गई है, क्योंकि अब नई व्यवस्था के तहत सड़कों और पुलों का काम पूरा होने के बाद अगले पांच साल तक वही ठेकेदार इनका रखरखाव भी करेंगे, जिन्होंने इसका काम किया है। लोक निर्माण विभाग के कुछ मंडलों ने इन परियोजनाआें के टेंडर भी लगा दिए थे, लेकिन अब टेंडर प्रक्रिया दोबारा होगी। नाबार्ड की सड़कों के लिए यह व्यवस्था पहली बार की जा रही है। इस संबंध में विभाग ने सरकार के पास दस्तावेज मंजूरी के लिए भेजा है। इसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता भवन कुमार शर्मा ने इस बारे में चारों जोन शिमला, मंडी, धर्मशाला और हमीरपुर के प्रमुख अभियंताओं को पत्र लिखा है।

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इसमें कहा गया है कि उनके कार्यालय के ध्यान में यह बात लाई जा रही है कि कुछ मंडलों में आरआईडीएफ -26 के तहत 72 परियोजनाओं के टेंडर लगाए जा रहे हैं। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक ने भी 29 अक्तूबर की चिट्ठी से इसको लेकर सूचित किया है। सरकार को 31 अक्तूबर को इनकी प्रशासनिक व्यय स्वीकृति के लिए भी चिट्ठी भेजी है। इसी के साथ पांच साल के रखरखाव के लिए एक बिड दस्तावेज भी सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया है, जिसे मंजूरी नहीं मिली है। जब तक यह स्वीकृति नहीं आ जाती है, तब तक टेंडर नहीं लगाए जा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि पांच साल तक सड़कों-पुलों के रखरखाव की यह व्यवस्था प्रदेश में बन रही नाबार्ड वित्तपोषित सड़कों के लिए पहली बार की जा रही है। इसके लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का प्रारूप ही अपनाया जा रहा है, मगर अभी तक इसके लिए सरकार की मंजूरी नहीं आई है।

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