कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में बागी हरीश जनारथा की कांग्रेस में घर वापसी को लेकर शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम की शिमला शहरी डीसीसी अध्यक्ष अरुण शर्मा को सूचना तक नहीं दी गई। लिहाजा शिमला शहरी डीसीसी के अधिकांश पदाधिकारी यहां ढूंढे नहीं मिल रहे थे। सूचना न मिलने से शिमला शहरी डीसीसी के पदाधिकारी कार्यक्रम से नदारद ही रहे। हरीश जनारथा ने कांग्रेेस के जिस उम्मीदवार हरभजन सिंह भज्जी के खिलाफ चुनाव लड़ा था उन्होंने भी कार्यक्रम से दूरी ही बनाई रखी।
पूर्व उपमहापौर हरीश जनारथा ने बागी होकर कांग्रेस प्रत्याशी हरभजन सिंह भज्जी के खिलाफ शिमला से विस चुनाव लड़ा था। विस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुरेश भारद्वाज जीत गए थे। लेकिन पार्टी से बगावत करने पर जनारथा को कांग्रेस ने निष्कासित कर दिया था। करीब डेढ़ साल बाद हरीश जनारथा को पार्टी में वापस लिया है। इसके बाद जनारथा ने प्रदेशाध्यक्ष का आभार जताने के लिए राजीव भवन में कार्यक्रम रखा था। हरीश जनारथा के साथ उनके सैकड़ों समर्थक राजीव भवन में प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर से मिलने पहुंचे थे।
कार्यक्रम में शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह, हिमाचल महिला कांग्रेेस अध्यक्ष जैनब चंदेल, दो पूर्व महापौर सोहन लाल और जैनी प्रेम, प्रदेश कांग्रेस के कई पदाधिकारी इस दौरान मौजूद रहे। इन सबकी मौजूदगी के बीच शिमला शहरी जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरुण शर्मा, शिमला से हारे कांग्रेस प्रत्याशी हरभजन सिंह भज्जी सहित जिले के अधिकांश पदाधिकारी नदारद रहे।
नहीं थी कार्यक्रम की जानकारी : शर्मा
शिमला शहरी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा कि उनको कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। कुछ पदाधिकारियों नेकार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद बताया कि उनको नहीं पता था कि शिमला शहरी डीसीसी को इसकी जानकारी नहीं है।