शहर में अब शहीदों की प्रतिमाओं पर सियासत शुरू हो गई है। भाजपा शासित नगर निगम समरहिल चौक पर शहीद ए आजम भगतसिंह की जगह स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा लगाने जा रहा है। इसके लिए बाकायदा मासिक बैठक में प्रस्ताव लाया जा रहा है।
यदि मंजूरी मिली तो समरहिल चौक पर प्रस्तावित भगत सिंह की प्रतिमा की जगह अब स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। हालांकि, प्रस्ताव पर अभी से घमासान भी मच गया है। छात्र संगठनों के अलावा विपक्षी पार्षदों ने निगम को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है।
नगर निगम ने साल 2012-13 में प्रस्ताव लाकर समरहिल चौक पर भगत सिंह की प्रतिमा लगाने की मंजूरी दी थी। इसके लिए बजट भी पारित किया गया। लेकिन सालों तक यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।
अब अचानक भाजपा शासित नगर निगम ने इसी जगह पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित करने का फैसला ले लिया। यदि यहां स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित होती है तो भगत सिंह की प्रतिमा कहां लगेगी, इसके लिए अभी कोई जगह भी नहीं देखी गई है।
मेयर बोलीं, युवाओं को मिलेगी प्रेरणा
मेयर कुुसुम सदरेट ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेेरणास्रोत रहे हैं। एचपी यूनिवर्सिटी में प्रदेशभर के हजारों युवा पढ़ाई के लिए आते हैं। ऐसे में यहां स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा और संदेशों को जानकर यह उनकी बताई राह पर चल सकेंगे।
यह शहीद का अपमान : शैली शर्मा
माकपा पार्षद शैली शर्मा ने कहा कि यह शहीद ऐ आजम भगत सिंह का अपमान है। समरहिल चौक पर पहले से प्रतिमा लगाने के लिए स्थान चयनित किया जा चुका है। नगर निगम को यह प्रतिमा लगाने के लिए काम करना चाहिए लेकिन भाजपा यहां दूसरी प्रतिमा लगाकर शहीद का अपमान कर रही है। सदन में इसका कड़ा विरोध होगा।