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जूडो कोच उतम डोड ने अपने शिषयों को कायम की मिसाल

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। इंदिरा गांधी खेल परिसर के जूडो कोच उत्तम डोड ने जयपुर में आयोजित कामनवेल्थ गेम्स में 90 किलोग्राम मास्टर्स वर्ग-4 में कांस्य पदक जीता है। उन्होंने साबित कर दिया कि जज्बा हो तो प्रतिभा के बूते कोई भी मुकाम हासिल करना मुश्किल नहीं। यही नहीं टीजीटी साइंस वीरेंद्र धौल्टा ने भी कामनवेल्थ गेम्स में एम-वन वर्ग में कांस्य पदक जीता है। उन्होंने उत्तम के पास ही खेल के गुर सीखे हैं। यही नहीं उत्तम डोड को कामनवेल्थ गेम में खेलने के लिए वीरेंद्र ने ही प्रोत्साहित किया था। उत्तम डोड जुब्बल कोटखाई के रुईलधार पंचायत नंदपुर के रहने वाले हैं।
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वर्ष 2001 से लेकर युवा सेवाएं एवं खेल विभाग में जूडो प्रशिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। डोड के पास प्रशिक्षण पाकर कई खिलाड़ी नेशनल और इंटरनेशनल स्पर्धाओं में मेडल जीत चुके हैं। उत्तम डोड ने न केवल इस स्पर्धा में भाग लिया बल्कि बेहतरीन खेल का प्रदर्शन कर मेडल भी जीता। उत्तम ने बताया कि मेरी इस जीत से प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के एनआईएस पटियाला सेंटर से कोचिंग में ए ग्रेड श्रेणी में पास आउट उत्तम डोड ने कहा कि इस उपलब्धि में उनके स्टूडेेंट्स और उनकी धर्मपत्नी सुधा डोड तथा परिवार का पूरा सहयोग रहा है। स्टूडेंट्स खास तौर पर वीरेंद्र ने उन्हें भारत में हो रही कॉनमवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। कहा कि निश्चित तौर पर मैं मेरा परिवार और मेरे स्टूडेंट्स इस उपलब्धि से खुश हैं।
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