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आईएसबीटी की संपति को अटैच कर सकता है एमसी

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। नगर निगम टुटीकंडी आईएसबीटी की संपत्ति को अटैच कर सकता है। प्रापर्टी टैक्स के एवज में आईएसबीटी से नगर निगम को तीन करोड़ रुपये वसूलने हैं। नगर निगम ने प्रापर्टी टैक्स जमा करने के लिए आईएसबीटी को नोटिस जारी किया था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
नगर निगम के कर विभाग की ओर से टैक्स डिफॉल्टरों की स्टेटस रिपोर्ट निगम आयुक्त को पहले ही फाइल सौंप दी गई है। डिफाल्टरों पर कार्रवाई को लेकर अब नगर निगम आयुक्त को अंतिम फैसला लेना है। टूटीकंडी आईएसबीटी के अलावा एक विधायक से भी नगर निगम को 50 लाख रुपये प्रापर्टी टैक्स वसूलना है। कई बार नोटिस जारी करने के बावजूद विधायक ने निगम को टैक्स का भुगतान नहीं किया है।
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शहर में नगर निगम को संपत्ति कर न देने वाले 20 से अधिक बड़े डिफॉल्टरों की संपत्ति अटैच करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। नगर निगम आयुक्त यह भी फैसला ले सकते हैं कि जो भवन मालिक टैक्स नहीं दे रहे हैं, उनके भवनों में चल रहे व्यावसायिक संस्थानों से किराया नगर निगम वसूल करे। दुकानदार जो किराया भवन मालिक को दे रहे हैं, वह सीधा निगम के खाते में आएगा। नगर निगम एक्ट के तहत संपत्ति अटैच करने और किराये की वसूली का निगम के पास अधिकार है।
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आयुक्त को देंगे कमेटी गठित कर कार्रवाई के आदेश
डिफॉल्टरों की संपत्ति अटैच करने के लिए निगम आयुक्त को कमेटी गठित कर कार्रवाई करने के आदेश दिए जाएंगे। किन डिफाल्टरों को कितनी बार नोटिस दिए गए, नोटिस देने के अलावा और कौन सी कार्रवाई की गई इसका ब्यौरा भी कमिश्नर से मांगा जाएगा।
- कुसुम सदरेट, मेयर, नगर निगम शिमला
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स्थिति स्पृष्ट करने के लिए सरकार को लिखा है
एचआरटीसी के साथ हुए एमओयू में साफ है कि निर्माण कार्य तक टैक्स कंपनी देगी और उसके बाद सारे टैक्स चुकाने का जिम्मा एचआरटीसी का होगा। इसे लेकर प्रदेश सरकार और बस स्टैंड मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी को लिखा गया है। कोर्ट में भी केस किया गया है।
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- अशोक शर्मा, ऑपरेशन मैनेजर, आईएसबीटी टूटीकंडी
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टैक्स डिफाल्टरों के साथ सख्ती बरते नगर निगम
नगर निगम को अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए टैक्स डिफॉल्टरों से सख्ती के साथ उगाही करनी चाहिए। जरूरत पड़े तो निगम अधिनियम के तहत प्रापर्टी अटैच करने की भी कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले को लेकर निगम को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
- सुरेश भारद्वाज, स्थानीय विधायक एवं शिक्षा मंत्री
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