अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
सैहब सोसायटी कर्मचारी एक सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। मन मुताबिक सैलरी न बढ़ पाने के कारण यह फैसला लिया गया है।
उधर एमसी ने भी साफ कर दिया है कि 30 प्रतिशत सैलरी बढ़ाना संभव नहीं है। वीरवार को सैहब सोसायटी और नगर निगम अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर बैठक हुई।
बैठक में कोई सहमति नहीं बन पाई। इससे खफा सैहब कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे। सोसायटी के कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश करने से शहर के सभी 34 वार्डों में सफाई व्यवस्था चरमरा जाएगी। हड़ताल पर जाने से शहर के सरकारी कार्यालय, अस्पताल, शहर में रहने वाले हजारों लोगों के घरों से कूड़ा नहीं उठ पाएगा। इससे कूड़े के ढेर लग जाएंगे। शहर में गंदगी फैल जाएगी। मांगों को लेकर आयुक्त कार्यालय में सैहब कर्मचारियों की आयुक्त के साथ बैठक हुई। बैठक में कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग रखी।
आयुक्त जीएस नेगी ने कहा कि एक साथ तीस प्रतिशत वेतन बढ़ाना संभव नहीं है। आयुक्त ने यूनियन कर्मचारियों को भरोसा दिलवाते हुए कहा कि 11 सितंबर को निगम की एजीएम में सोसायटी की मांगों को लेकर प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके साथ मंत्री के साथ बैठक में मांगों को पूरा करने की कोशिश की जाएगी।
मांग नहीं मानी, करेंगे हड़ताल : जसवंत सिंह
सैहब कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि नगर निगम से मांग के अनुसार वेतन न बढ़ाए जाने के कारण सैहब कर्मी शुक्रवार से सामूहिक हड़ताल करेंगे। उन्होंने नगर निगम मेयर पर आरोप लगाते हुए कहा कि वेतन बढ़ाने की मांगों को लेकर वह मेयर के पास गए। मेयर कुसुम सदरेट ने कहा कि निगम ने 10 फीसदी वेतन बढ़ाया है। इसके अलावा जो फैसला एजीएम करेेंगे वह ही अंतिम निर्णय होगा।
कर्मचारियों का डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
सैहब कर्मचारियों ने मांगों को लेकर वीरवार दोपहर 3 बजे डीसी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि नगर निगम उनकी मांगों के अनुसार वेतन बढ़ोतरी नहीं कर रहा है। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो सोसायटी का कोई भी कर्मचारी शहर में सफाई नहीं करेगा। कहा कि इस संबंध में पहले ही चेता दिया था।