इन गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार धन उपलब्ध कराती है। पहले सरकार ने 500 की आबादी वाले गांवों को सड़क से जोड़ा। अब ढाई सौ की आबादी वाले गांवों को जोड़ा जा रहा है।
सूबे में कई सड़कें ऐसी हैं, जिनका काम अधर में लटका है। इसका कारण वन विभाग की स्वीकृति न मिलना या फिर लोगों की आपसी रंजिश होना बताया जा रहा है। सरकार का मानना है कि सड़क के रोडमैप तैयार करने के दौरान अगर लोगों की जमीन बीच में आती है तो यह जमीन विभाग के नाम करनी होगी।
लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर एके चौहान ने बताया कि सरकार ने सड़क बनाने के लिए रोड मैप तैयार करने को कहा है। विभाग ने इस पर अपनी कसरत शुरू कर दी है।