भारत सरकार के आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने शिमला को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 68 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी की है। इसे मंत्रालय के स्मार्ट सिटी डिविजन की ओर से जारी किया गया है। इसे परियोजना फंड की पहली किस्त के रूप में दिया गया है। इसे जारी करने के साथ ही मंत्रालय ने कई तरह की शर्तें भी लगाई हैं।
डिवीजन के उप सचिव स्मार्ट सिटी-3 के जितेंद्र कुमार मेहान ने इस संबंध में सरकार को एक पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि यह ग्रांट उसी स्थिति में ही जारी मानी जाएगी, अगर पहले दी गई ग्रांट को पूरी तरह से खर्च किया गया है। इसका खर्च प्रमाणपत्र भारत सरकार के संबंधित मंत्रालय को देना होगा। इस बजट को मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही खर्च किया जा सकेगा।
पूर्व की रिलीज के लिए कोई यूसी लंबित नहीं होना चाहिए। इस पैसे को शिमला स्मार्ट सिटी लिमिटेड को स्मार्ट सिटी मिशन के लिए खोले गए अलग ही खाते में रखना होगा। इसे किसी दूसरे खाते में जमा नहीं किया जा सकेगा। इस ग्रांट को जारी करने के बारे में मुख्य सचिव और संबंधित प्रशासनिक सचिव को भी सूचित किया गया है।