मुख्यमंत्री ने कहा कि गत पांच जुलाई को मानसून सक्रिय हुआ है। 16 से 18 अगस्त तक भारी बारिश की सूचना मौसम विभाग ने पहले दे दी थी। सरकार ने पहले ही जिलों में अलर्ट कर दिया था।
क्यूआरटी और एनडीआरएफ की टीमें तैनात रखी थीं। चौबीस घंटे नियंत्रण कक्ष काम करता रहा। सड़कों की नालियों और कलवर्ट पर ध्यान दिया जाएगा। बागवानी और कृषि को 33 फीसदी से ज्यादा नुक सान पर केंद्र से राहत मिलती है।
मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि सड़कों और पुलों को 386 करोड़, आईपीएच की 5929 योजनाओं को 167 करोड़, कृषि 38 करोड़, बागवानी 6.13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार ने जिलों को 16.05 करोड़, विभागों को 93 करोड़ और आपदा राहत को 49 करोड़ दिए हैं।