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पेयजल का दुरुपयोग रोकेंगे ‘जल सखी’ महिला समूह, मुख्य सचिव ने बैठक में की जलापूर्ति की समीक्षा

Sun, 19 May 2019 06:59 AM IST
शिमला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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मुख्य सचिव बीके अग्रवाल - फोटो : फाइल फोटो
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प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने शिमला में जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मई 2018 के दृष्टिगत सरकार शिमला में जलापूर्ति एवं गुणवत्ता की निगरानी कर रही है।

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शहर के लोगों को पहली बार प्रतिदिन पानी की आपूर्ति की जा रही है और नगर निगम के सभी वार्डों को समयसारिणी के अनुसार 48 मिलियन लीटर से अधिक पानी की प्रतिदिन आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि ‘जल सखी’ नामक महिला समूहों का गठन किया है। यह शहर में पानी के रिसाव, ओवरफ्लो, दुरुपयोग तथा अन्य जल संबंधी शिकायतों की रिपोर्ट एसजेपीएनएल की शिकायत निवारण प्रकोष्ठ को देगा। इसके बाद पानी के दुरुपयोग को रोका जाएगा ताकि लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल सके।
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जलापूर्ति में वृद्धि गुम्मा पंपिंग स्टेशन एवं जाखू, ढिंगूधार, कामना देवी और नॉर्थओक के पुराने पंपों को बदलने से हुई है। शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (एसजेपीएनएल) ने 14 किलोमीटर लंबी रिसाव वाली पुरानी पाइप लाइन को बदल दिया है। 1489 नए पानी के कनेक्शन दिए हैं। गुम्मा, गिरि तथा कोटी बरांडी स्थित फिल्टरेशन प्रणालियों को अपग्रेड किया है।

पानी की गुणवत्ता का भी खास ध्यान रखा जा रहा है। एसजेपीएनएल ने दिसंबर माह तक सभी घरों के रसोई एवं सनानागारों के पानी को सीवरेज नेटवर्क के तहत लाने का लक्ष्य रखा है। एसजेपीएनएल ने वॉल्यूमैट्रिक बिलिंग आरंभ की है। इससे घरेलू पानी के बिलों में 50 प्रतिशत से अधिक की कटौती हुई है।

बैठक में प्रधान सचिव शहरी विकास प्रबोध सक्सेना, आयुक्त नगर निगम पंकज राय, निदेशक (सिविल) हिमाचल प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड धर्म सिंह ठाकुर, प्रधान मुख्य अरण्यपाल, निदेशक शिमला जल प्रबंधन निगम, प्रमुख अभियंता सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग और मुख्य अभियंता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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