राजधानी के आरकेएमवी में यूजी डिग्री कोर्स की कामर्स के चौथे सेमेस्टर की री-अपीयर परीक्षा में प्रश्नपत्र कम पड़ने के मामले की एचपीयू अपने स्तर पर जांच करेगा। इसमें पता लगाया जाएगा कि आखिर प्रश्नपत्र कम कैसे पड़े। इसमें किस स्तर पर चूक हुई। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने प्रश्नपत्र फोटो स्टेट करवाकर ढाई घंटे देरी से परीक्षा शुरू करवा दी थी लेकिन इनमें बहुत से ऐसे छात्र भी थे जो आसपास के क्षेत्रों से परीक्षा देने आए थे। परीक्षा देरी से शुरू होने के कारण वह एग्जाम नहीं दे पाए थे।
विवि द्वारा करवाई जाने वाली इस जांच में इन सभी प्रश्नों के उत्तरों को खोजा जाएगा। इसमें परीक्षा केंद्र वरिष्ठ अधीक्षक और केंद्र अधीक्षक से भी जानकारी जुटाई जाएगी। विवि प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि यदि बहुत अधिक संख्या में छात्र-छात्राएं परीक्षा देने से वंचित रहे होंगे तो उन्हें भी दोबारा परीक्षा देने का मौका देने पर भी विचार किया जा सकता है। इसके लिए अलग से विवि प्रशासन को प्रक्रिया को फॉलो करना पड़ेगा।
जानकारी के मुताबिक कामर्स की इस परीक्षा में एकसाथ दो सौ प्रश्नपत्र कम पड़ गए थे। यह री-अीपयर की परीक्षा थी। माना जा रहा है कि सही डिमांड न आने से ही प्रश्नपत्र कम पड़े। कॉलेज में रेगुलर चौथे सेमेस्टर के परीक्षार्थियों के लिए प्रश्नपत्र की सप्लाई पर्याप्त थी लेकिन री-अपीयर परीक्षा देने आए दो सौ के करीब परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र नहीं मिले। परीक्षा केंद्र संचालक विवि से संपर्क करते तो परीक्षा शुरू होने में इतनी देरी नहीं होती।
विवि करेगा पूरे मामले की छानबीन : सीओई
विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि विवि अपने स्तर पर आरकेएमवी में प्रश्नपत्र कम पड़ने और परीक्षा देरी से शुरू होने के कारणों का पता लगाएगा। प्रश्नपत्र भेजने में किस स्तर पर चूक हुई इसका पता लगाया जाएगा। कहा कि परीक्षा केंद्र स्तर पर प्रश्नपत्र कम पड़ने की सूचना विवि को न भेजे जाने की चूक जरूर नजर आ रही है। शनिवार तक भी विवि को ऐसी सूचना केंद्र से नहीं भेजी गई थी।
परीक्षा केंद्र अधीक्षक पहले से कर लें तैयारी
विवि परीक्षा नियंत्रक ने सभी 147 परीक्षा केंद्र के अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा से पूर्व यह सुनिश्चित करें कि कट लिस्ट डाउनलोड की गई हो। कॉलेज में पहुंचे परीक्षा के प्रश्नपत्रों के पैकेट पर अंकित संख्या का कट लिस्ट से मिलान कर लें। यदि प्रश्नपत्र कम हो तो इसकी तुरंत सूचना विवि में बनाए तीन-तीन कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दें। कहा कि आमतौर पर हर परीक्षा केंद्र से आई डिमांड से 50 से 60 अधिक प्रश्नपत्र केंद्रों द्रों को पहले ही भेजे जाते हैं।