इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में स्वाइन फ्लू के मामले में हर दिन इजाफा हो रहा है। बुधवार को आईजीएमसी में स्वाइन फ्लू के आठ नए मामले सामने आए। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज ने बताया कि आठ मरीजों के सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं।
आईजीएमसी में बुधवार को लैब में 16 सैंपल टेस्ट के लिए भेजे थे। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद आठ मरीजों के मामलों में स्वाइन फ्लू के लक्ष्य पाए गए। स्वाइन फ्लू के यह सभी मामले शिमला के बताए जा रहे हैं जबकि यह सभी मरीज पहले से ही अस्पताल में भर्ती हैं।
अस्पताल में लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद हड़कंप मचा हुआ है। अस्पताल के सभी वार्डों में मरीजों के साथ रह रहे तीमारदार मास्क लगाकर घूम रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि इस बीमारी से किसी भी मरीज की अस्पताल में अभी तक मौत नहीं हुई है।
मरीजों कर्मियों को सता रहा स्वाइन फ्लू का डर
शिमला। आईजीएमसी में मरीजों की देखरेख में तैनात कर्मियों को स्वाइन फ्लू का डर सता रहा है। अस्पताल के वार्डों में स्वाइन फ्लू के मरीजों की देखरेख के लिए तैनात कर्मियों को अभी तक स्वाइन फ्लू से बचाव के टीके नहीं लगाए गए हैं। इससे कर्मियों को स्वाइन फ्लू का डर सता रहा है।
आईजीएमसी में वार्डों में ड्यूटी दे रहे कर्मियों ने आईजीएमसी प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रबंधन कर्मियों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर नहीं है। आईजीएमसी में जहां एक ओर स्वाइन फ्लू के मरीज बढ़ने से हड़कंप मचा हुआ हैं, वहीं दूसरी ओर मरीजों की देखरेख के लिए तैनात कई कर्मियों को अभी तक स्वाइन फ्लू के वैक्सीनेशन और टीके नहीं लगाए गए हैं।
इससे कर्मियों को भी स्वाइन फ्लू रोग के लगने का डर सता रहा है। कर्मचारियों ने आईजीएमसी प्रबंधन से मांग की है कि सुरक्षा के मद्देनजर उचित कदम उठाए जबकि स्वाइन फ्लू के मरीजों के पास जाने वाले कर्मियों को स्वाइन फ्लू के बचाव के लिए टीके लगाए जाएंगे।