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लेबर आई न ठेकेदार, शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल

Sun, 15 Jul 2018 01:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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शहर के पांच वार्डों में पहली जुलाई से सफाई व्यवस्था आउटसोर्स करने के नगर निगम के दावे हवा हो गए। 15 दिन बाद भी न तो ठेकेदार फील्ड में दिख रहा है और न ही लेबर। हालत यह है कि आउटसोर्सिंग के इंतजार में पूरे शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल हो गई है। नगर निगम ने मंडी की एमके इंटरनेशनल फर्म को मज्याठ, टुटू, कच्चीघाटी, टूटीकंडी और बालूगंज वार्ड की सफाई का जिम्मा सौंपा था।

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जून में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद पहली जुलाई से इन वार्डों में ठेकेदार के करीब 40 कर्मचारी तैनात होने थे। इनकी तैनाती के बाद सभी पांच वार्डों में काम कर रहे 58 सैहब कर्मचारी शहर के दूसरे वार्डों में शिफ्ट होने थे। लेकिन न ठेकेदार के कर्मचारी आए और न ही सैहब कर्मी शिफ्ट हो पाए।

कर्मचारियों की कमी के चलते बालूगंज, समरहिल, मज्याठ, विकासनगर, भट्ठाकुफर, नवबहार, बैनमोर आदि वार्डों में दो महीने से गारबेज कलेक्शन योजना ठप पड़ी है। लोग खुद ही कूड़ा उठाने को मजबूर हो रहे हैं। इसके अलावा कई वार्डों से कूड़ेदान भी हफ्ते में एक बार ही उठाए जा रहे हैं।
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सड़कों पर कूड़े के ढेर, शोपीस बने कूड़ेदान
शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। लेकिन नगर निगम इन जगहों पर कूड़ेदान नहीं रख रहा है। निगम ने जो नए डंपर मंगवाए थे, वह कनलोग बाईपास पर सड़क किनारे जंग खा रहे हैं। यहां नौ डंपर रखे गए हैं। यदि इन्हें उपनगरों में रखा जाए तो सड़कों पर कूड़ा नहीं फैलेगा। पूर्व आयुक्त ने शहर के लिए 20 नए डंपर मंगवाए थे, लेकिन इन्हें अभी तक वार्डों में नहीं रखा गया है।

क्या कहते हैं आयुक्त
सफाई व्यवस्था आउटसोर्स करने को लेकर ठेकेदार को बुलाया था। इससे बात भी हो गई है। जल्द ही ठेकेदार की लेबर इन पांच वार्डों में काम पर लग जाएगी। सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
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पंकज राय, नगर निगम आयुक्त

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