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मटमैला पानी

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कलेई गांव के बीस परिवार मटमैला पानी पीने को मजबूर
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दो वर्षों से पुकथला नाले से की जा रही लोगों को पानी की सप्लाई, बीमारियों की चपेट में आ रहे
ग्रामीणों का आरोप, विभाग से मांग के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
तीसा (चंबा)। चुराह उपमंडल के तहत ग्राम पंचायत गुवाड़ी के कलेई गांव के लिए करीब दो वर्ष से सीधे नाले से पानी की आपूर्ति दी जा रही है। इससे ग्रामीणों को मटमैला पानी पीना पड़ रहा है। इससे वह कई प्रकार की जलजनित रोगों की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों को कलेई गांव के लिए पुकथला नाले से पानी उपलब्ध करवाया जाता है। इससे ग्रामीणों के नलों से मटमैला पानी आता है। पुकथला से कलेई के लिए बिछाई पाइपलाइन के बीच में एक टैंक है। मगर वह खस्ताहाल हो चुका है। इससे नाले में आ रही गंदगी लोगों के नलों में पहुंच जाती है। लोगों ने सिंचाई एवं जन स्वास्थय विभाग से कई बार इसको लेकर शिकायत की है। मगर दो वर्ष बाद भी विभाग समस्या से निजात नहीं दिला पाया है। इस पाइपलाइन कलेई गांव के बीस परिवारों के लिए पानी की आपूर्ति होती है। इसके अलावा पानी को फिल्टर किए बिना सीधे नाले से लोगों को पानी की सप्लाई प्रदान करवाई गई है। ऐसे में ग्रामीण काफी समय से मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। इसके अलावा पाइपें भी जगह-जगह से टूटी हुई हैं। ग्रामीणों ने आईपीएच महकमे के एक्सईन से मांग की है कि प्राथमिकता के आधार पर गांव में स्वच्छ पानी सप्लाई प्रदान करने की मांग उठाई है।
स्थानीय निवासी देशराज, हेमराज, रमेश कुमार, रामनाथ, अमरनाथ और राकेश कुमार ने बताया कि उन्हें सीधे नाले से पानी की सप्लाई की जाती है। यहां कोई भी टैंक नहीं बनाया गया है। विभाग से कई बार मांग की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। जब भी बारिश होती है तो नाले का मटमैला पानी नलों में पहुंचता हैं। ग्रामीणों ने आईपीएच विभाग से मांग की है कि ग्रामीणों को साफ-सुथरा पानी मुहैया करवाई जाए।
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आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता भानू प्रताप ने बताया कि मामला उनके ध्यान में लाया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पाइपलाइन की मरम्मत करवाई जाएगी। साथ वाटर स्टोरेज टैंक का निर्माण किया जाएगा।
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