प्रदेश में कभी भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के चहेते रहे नेता आज इनके सामने ही पहाड़ बनकर खड़े हैं। हिमाचल के तीन विधानसभा क्षेत्रों शिमला ग्रामीण, सुजानपुर और नगरोटा बगवां में ये वरिष्ठ नेताओं को टक्कर दे रहे हैं।
ऐसे में गुरु जीतेगा या चेला ये नतीतें आने के बाद साफ हो जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के पसंदीदा नेताओं में गिने जाने वाले राजेंद्र राणा उनके ही खिलाफ सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव मैदान में हैं।
इसी तरह मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी माने जाने वाले प्रमोद शर्मा ने भाजपा से टिकट लेकर विक्रमादित्य सिंह के खिलाफ ताल ठोंक दी है। नगरोटा बगवां में कभी जीएस बाली के साथ चलने वाले अरुण कुमार (कूका) चुनाव मैदान में उन्हें ही टक्कर दे रहे हैं।
राजेंद्र राणा ने वर्ष 2012 के निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा था और भारी मतों से जीते थे। भाजपा सरकार के दौरान राजेंद्र राणा मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के मीडिया सलाहकार रहे।
भाजपा सरकार के दौरान राणा की तूती बोलती थी। इसके बाद राजेंद्र राणा कांग्रेस में शामिल हो गए और भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ सांसद का चुनाव लड़ा। इस दौरान उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अब राणा सुजानपुर सीट से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ मैदान में हैं।
शिमला ग्रामीण सीट से भाजपा ने प्रमोद शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है। प्रमोद शर्मा कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। एक समय था, जब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह इन्हें प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष बनाना चाहते थे।
शिमला ग्रामीण जब सुन्नी कुमारसैन विधानसभा क्षेत्र था, उस समय मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रमोद शर्मा को टिकट देने की पैरवी की थी।
आज प्रमोद शर्मा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र में अरुण कुमार बाली के करीब थे। आज विधानसभा चुनाव में दोनों आमने सामने हैं।