हिमाचल में बारिश से 600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य सरकार ने इस बरसात में अब तक हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन कर लिया है। इस आकलन रिपोर्ट को केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है।
इसकी भरपाई को केंद्र से आर्थिक मदद मांगी जा रही है। यह जानकारी राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने दी है। कौल सिंह ठाकुर ने मंगलवार को कहा कि अभी तक हिमाचल में लगभग 600 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन हुआ है।
नुकसान की सटीक आकलन भी किया जा रहा है। हाल ही में 14 और 15 अगस्त 2014 को लगातार बारिश से 33 लोगों की मृत्यु और लगभग 610 पशुओं के दबने और बह जाने के अलावा राज्य के विभिन्न भागों में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि 14 और 15 अगस्त को प्रदेश में सामान्य से 140 प्रतिशत से 204 प्रतिशत तक अधिक बारिश हुई है। मंडी और हमीरपुर जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। कांगड़ा, कुल्लू, बिलासपुर, किन्नौर, सिरमौर और सोलन में भी भारी नुकसान हुआ है।
इन जिलों में भी भूस्खलन की वजह से कई सड़कें और घरों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा बारिश से कुछ पुल भी बह गए हैं। ठाकुर ने कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिए राज्य मुख्यालय पर राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
हर जिले में जिला आपातकालीन संचालन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिन्हें किसी संभावित घटना की स्थिति में बेहतर सहयोग के लिए पूरी तरह से क्रियाशील बनाया गया है। सभी अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को आपदा प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।