हर माह के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के ड्रग अलर्ट में हिमाचल की दवाएं शामिल होती हैं। इनमें मुख्य रूप से जिला सोलन, सिरमौर, ऊना और कांगड़ा के उद्योगों की दवाएं हैं।
सबसे अधिक संख्या जिला सोलन के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के तहत स्थापित हुए फार्मा उद्योगों की रहती है। राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाह ने बताया कि सरकार ने बद्दी के अलावा नाहन, धर्मशाला व मंडी में लाइसेंसिंग अथॉरिटी बना दी है, जहां सहायक दवा नियंत्रक बैठते हैं।
इससे दवाओं पर नियंत्रण होगा। बद्दी में बन रही ड्रग टेस्टिंग लैब का एमओयू साइन हो चुका है और जल्द ही यह स्थापित कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव के कारण सैंपल फेल होते हैं।