हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र झाड़माजरी में एक निजी कंपनी के नाम पर शातिरों ने एक फर्जी कंपनी बनाकर बैंक में खाता खोल लिया। शातिरों ने प्रॉपर्टी सेल के नाम पर लाखों रुपये इस खाते में जमा कर लिए। असली कंपनी को इसकी भनक तब लगी, जब उनके खाते में पांच-पांच लाख रुपये के दो चेक आए। कंपनी संचालक ने अपने स्तर पर इसकी जांच करवाई तो पता चला कि उनकी कंपनी के नाम पर एक फर्जी कंपनी खोली गई है जो गूगल पर दिख रही है। फर्जी कंपनी ने बैंक में खाता खोल दिया गया।
इसके बाद कंपनी के संचालकों ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने फर्जी कंपनी के खाते को बंद कर दिया है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि इस खाते में 50 से 60 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। झाड़माजरी स्थित हिमलैंड रियल स्टेट प्राइवेट कंपनी के निदेशक धीरज सिंह ने बताया कि उनके खाते में डाले गए चेक की पेमेंट उन्होंने रोक ली है। उधर, बद्दी के डीएसपी प्रियंक गुप्ता ने मामला दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस इसकी छानबीन कर रही है।
यह है मामला
झाड़माजरी स्थित हिमलैंड रियल स्टेट प्राइवेट कंपनी के निदेशक धीरज सिंह ने पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि झाड़माजरी में उनकी 151 बीघा जमीन है। इस पर हिम सिटी के नाम प्रोजेक्ट चला हुआ है। उनकी ओर से इस जमीन पर फ्लैट, सड़कें, ट्यूबवेल और होटल का कार्य चल रहा है। कुछ दिन पूर्व उनके खाते में पांच-पांच लाख रुपये के दो चेक आए। जब इनकी छानबीन की गई तो पता चला कि किसी व्यक्ति ने द लैंड मार्क हिम सिटी नाम से एक फर्जी कंपनी बनाई है। इस व्यक्ति ने उनकी कंपनी की संपत्ति और स्थान को गूगल पर डाल दिया और जिरकपुर स्थित ओबीडीआई बैंक में खाता खोला है। वह उनकी जमीन की सेल के नाम पर लोगों से एडवांस के रूप में पैसे ऐंठता था।