पिछले एक हफ्ते से मानसून के सक्रिय होते ही हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में भारी बारिश का सिलसिला जारी है। इससे अब तक विभिन्न विभागों और आम जनता को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि भारी बारिश के कारण एक हफ्ते के दौरान ही करीब 60 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। भारी बारिश के कारण सरकारी और लोगों की निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने बताया कि लगातार बिगड़ रहे मौसम के बीच जिला कांगड़ा में मंगलवार को रेड अलर्ट घोषित किया गया था। बुधवार को जिला में येलो अलट घोषित किया गया है। उन्होंने लोगों से इस दौरान नदी-नालों और खड्डों के पास न जाने का आग्रह किया है। जिलाधीश कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने बताया है कि जिला में बाधित हुई व्यवस्थाओं को पुन: बहाल करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
उधर, चंबा जिले में 21 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। जिला प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी कर दिया गया है। साथ ही समस्त विभागीय अधिकारियों को सचेत रहने के आदेश दिए गए हैं। पूर्वानुमान के अनुसार 21 जुलाई को 24 घंटे में जिले में भारी बारिश की संभावना है। इसमें बाढ़ और बादल फटने जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं। इससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
बहरहाल, प्रशासन ने मंगलवार को खासकर रात आठ से लेकर बुधवार सुबह पांच बजे तक एंबुलेंस और आपातकालीन सेवा वाहन, सैन्य, अर्द्धसैन्य बलों के वाहनों को छोड़कर अन्य सभी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी। उपायुक्त डीसी राणा ने बताया कि सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने लोगों से भी आह्वान किया है कि वे बिना वजह घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।