फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: एचपीयू के नए परिसर और पार्किंग पर खर्च होंगे 6 करोड़

विज्ञापन
विज्ञापन
दो करोड़ से अपग्रेड होगी लैब, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में होंगे आधारभूत ढांचे के विकास कार्य
विज्ञापन

विधि विभाग की कक्षाओं के लिए मिलेंगे अतिरिक्त कमरे
खास खबर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला में नए अकादमिक भवन, पार्किंग निर्माण और प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण से जुड़े विकास कार्य शुरू किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय को रूसा-2 के तहत मिलने वाली 8 करोड़ रुपये की राशि इन परियोजनाओं पर खर्च होगी।
विवि प्रशासन ने इसके लिए कार्य योजना तैयार कर दी है और कुछ परियोजनाओं की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। तीन
करोड़ रुपये यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज यूआईएलएस के लिए चौड़ा मैदान स्थित एवालॉज परिसर में नए परिसर के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के लिए टेंडर खोले जा चुके हैं। भवन निर्माण से विधि विभाग के लिए कक्षाएं लगाने के लिए अतिरिक्त कमरे मिलेंगे, अकादमिक ब्लॉक और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वर्तमान में संस्थान सीमित स्थान में संचालित हो रहा है, जिसके चलते लंबे समय से नए भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसके अलावा विश्वविद्यालय परिसर में पार्किंग सुविधाओं के निर्माण पर भी करीब 3 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
विज्ञापन


विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और प्रशासनिक भवनों के आसपास पार्किंग की कमी लंबे समय से बनी हुई है। इसके तहत परिसर के अलग-अलग हिस्सों में नई पार्किंग विकसित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए स्थान चिह्नित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। दो करोड़ रुपये विभिन्न विभागों की प्रयोगशालाओं के उन्नयन और नए उपकरणों की खरीद पर खर्च किया जाएगा। विज्ञान और तकनीकी विभागों में आधुनिक मशीनें, लैब उपकरण और रिसर्च सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित विभागों से आवश्यक उपकरणों की सूची भी मांगी है।

विवि को रूसा-2 के तहत 8 करोड़ रुपये मिलने हैं। इसमें से 4 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है। विवि इस राशि का उपयोग कर चुका है और अब शेष 4 करोड़ रुपये जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।
विज्ञापन



तय समय सीमा में खर्च करनी होगी राशि
उच्च शिक्षा विभाग ने विवि को तय समय सीमा के भीतर राशि खर्च करने और उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से इस संबंध में रिमाइंडर भी भेजा है। प्रदेश में रूसा-एक और रूसा-2 के तहत स्वीकृत अधिकांश परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का यह प्रोजेक्ट वर्ष 2018 से लंबित प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। विभाग ने विश्वविद्यालय प्रशासन से विकास कार्यों में तेजी लाने को कहा है। केंद्र सरकार की पीएम-ऊषा योजना लागू होने के बाद अब उच्च शिक्षण संस्थानों में आधारभूत ढांचे और अकादमिक सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।


कोट
विवि को मिले 4 करोड़ रुपये को खर्च किया जा चुका है। शिक्षा विभाग से मिलने वाली शेष राशी को भी खर्च करने के लिए विश्वविद्यालय ने योजना बना ली है।
जोगिंदर धीमान, डीन प्लानिंग, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें