शहरवासियों को जारी हो रहे बिजली बिलों की मीटर रीडिंग सवालों के घेरे में आ गई है। उपभोक्ताओं ने मीटर रीडिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसमें भारी गड़बड़ी का अंदेशा जताया जा रहा है। हैरत इस बात की है कि कंप्यूटराइज्ड होने के बावजूद विद्युत बोर्ड रीडिंग में भारी गलतियां कर रहा है। बोर्ड की इस गलती का खामियाजा सैकड़ों लोग भुगत रहे हैं। कुछ मामले तो ऐसे हैं कि अदा कर चुके बिल की पुरानी रीडिंग को आधार बनाकर नया बिल जारी कर दिया है।
ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सिस्टम कंप्यूटराइज्ड है तो फिर इतनी भारी गलतियां हर माह विद्युत बोर्ड कैसे कर रहा है। सवाल उठाने वालों में कई उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्हें बिल चुकाने के बावजूद नए बिलों में पुरानी रीडिंग लगा दी है। वहीं, कई ऐसे हैं जिनकी मीटर रीडिंग शून्य है, लेकिन बिल हजारों में दे दिए हैं। शिमला शहर में आमतौर पर सर्दी के दिनों में बिजली की ज्यादा खपत होती है। लेकिन उपभोक्ताओं के बिल अब गर्मियों के मौसम में ज्यादा आ रहे हैं।
लोगों का कहना है कि बिजली बोर्ड कार्यालय में इसकी लिखित शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन न तो बोर्ड के कर्मचारी दोबारा रीडिंग चेक करने आए न ही मीटर की जांच की है। उधर बिजली बोर्ड का दावा है कि सभी मीटर लैब में चेक किए जाते हैं। यदि कोई उपभोक्ता लिखित शिकायत करता है तो उसकी जांच की जाती है। उपभोक्ता महज 40 रुपये शुल्क जमा करवाकर मीटर चेक करवा सकता है। बोर्ड मौके पर जाकर 15 दिन के लिए अपना चेक मीटर लगाता है। गड़बड़ी होने पर मीटर बदला जाता है।
भुगतान के बावजूद थमा दिया पुराना बिल
न्यू शिमला सेक्टर दो निवासी सुनील को मार्च में बिल जारी हुआ। इसमें मीटर रीडिंग 19 जनवरी से 8 मार्च तक की दर्शाई गई। सुनील ने अंतिम तारीख से पहले बिल जमा कर दिया। अप्रैल में जब अगला बिल आया तो उसमें मीटर रीडिंग फिर जनवरी से दर्शा दी। यह बिल 367 रुपये था। सुनील ने सवाल उठाए कि उन्हें नौ मार्च से 18 अप्रैल तक का बिल जारी होना था, लेकिन बोर्ड ने जनवरी से यह बिल जारी कर दिया।
रीडिंग जीरो, फिर भी भारी भरकम बिल
न्यू शिमला के मेदराम कश्यप को अप्रैल में जीरो मीटर रीडिंग होने के बावजूद 1107 रुपये का बिजली बिल जारी किया गया। उन्होंने तुरंत बिजली बोर्ड को इसकी शिकायत की। बोर्ड ने बिल चेक करने का भरोसा तो दिया, लेकिन न तो कोई कर्मचारी मीटर चेक करने आया और न ही बिल एडजस्ट किया। मई में अब फिर से यह बिल जारी कर दिया गया है।
सर्दी में कम अब गर्मी में चढ़ गया मीटर
कसुम्पटी में नगर निगम क्वार्टर में रहने वाले निगम कर्मचारी हेतराम को भी इस बार 1390 रुपये का बिल जारी किया है। यह बिल 12 अप्रैल से लेकर 13 मई तक का है। हेतराम ने बताया कि सर्दियों के दिनों में जब हीटर जलाना पड़ता था तब उनका बिल 300 से 400 तक आता था। लेकिन गर्मियों में जैसे ही हीटर बंद किए कि बिल 1390 आ गया।