शिमला-कालका हैरिटेज रेलवे ट्रैक पर 113 साल पुराने स्टीम इंजन का वीरवार को सफल ट्रायल किया गया। शिमला से सुबह 11:30 बजे स्टीम इंजन दो कोच के साथ कैथलीघाट रवाना किया गया। ट्रायल के दौरान दोनों कोच खाली थे। स्टीम इंजन का ट्रायल पूरी तरह सफल रहा है। स्टीम इंजन सैलानियों के साथ ट्रैक पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अंग्रेजों के जमाने के स्टीम इंजन को जरूरी मरम्मत के लिए पिछले दिनों अमृतसर स्थित रेलवे वर्कशाप भेजा गया था। यहां स्टीम इंजन के खराब हो चुके कुछ पार्ट बदले गए। बदले गए पार्ट के साथ स्टीम इंजन का संचालन जांचने के लिए वीरवार को यह ट्रायल किया गया। इसके अलावा स्टीम इंजन में इस्तेमाल होने वाले कोयले की नई खेप को भी ट्रायल के दौरान जांचा गया।
सफल रहा ट्रायल, इंजन पूरी तरह फिट : सोहन
रेलवे के एडीएमई सोहन राहुल ने बताया कि स्टीम इंजन का वीरवार को शिमला और कैथलीघाट के बीच सफल ट्रायल किया गया है। सैलानियों को लेकर आवाजाही के लिए स्टीम इंजन पूरी तरह फिट है।