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पार्किंग बनाने में देरी पर तीन ठेकेदारों पर छह करोड़ की पैनल्टी

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पार्किंग निर्माण में देरी पर ठेकेदारों को चार करोड़ जुर्माना
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संजौली, छोटा शिमला और लिफ्ट स्थित पार्किंग निर्माण में देरी पर निगम ने की कार्रवाई
तीन में से एक ठेकेदार ने चुकाई एक करोड़ की किस्त
अशोक चौहान
शिमला। शहर की तीन सबसे बड़ी पार्किंग बनाने वाले ठेकेदारों पर नगर निगम ने चार करोड़ का जुर्माना ठोक दिया है। पार्किंग निर्माण में देरी करने पर पहली बार एक्शन में आए निगम की इस सख्त कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
लिफ्ट, संजौली और छोटा शिमला स्थित मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाने में देरी पर इनके ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। निगम प्रशासन का कहना है कि तीनों ठेकेदारों ने तय समयसीमा के भीतर पार्किंग का निर्माण पूरा नहीं किया। इससे शहरवासियों को पार्किंग समस्या से जूझना पड़ा। तीनों की पार्किंग क्षमता पंद्रह सौ से ज्यादा वाहनों की है। लिफ्ट स्थित पार्किंग में देरी पर करीब डेढ़ करोड़, संजौली की तांत्या पार्किंग पर एक करोड़ और छोटा शिमला पार्किंग पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की पैनल्टी लगाई गई है। इनमें संजौली की तांत्या पार्किंग के ठेकेदार ने एक करोड़ रुपये जुर्माना राशि जमा भी करवा दी है। शेष दो से वसूली की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, दोनों पार्किंगों के ठेकेदारों ने जुर्माना राशि पर सवाल उठाते हुए अपनी आपत्तियां भी दर्ज करवाई हैं।
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लेटलतीफी पर सख्त हुए निगम आयुक्त
नए निगम आयुक्त पंकज राय शहर में चल रहे विकासकार्यों की हर हफ्ते रिपोर्ट ले रहे हैं। काम में देरी कर रहे ठेकेदारों की रिपोर्ट भी ली जा रही है। बताया जा रहा है कि तीनों ही पार्किंग पर जुर्माने को लेकर निगम ने तीन अधिवक्ताओं से लंबी चर्चा भी की है। उधर, निगम की इस कार्रवाई से जहां ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है वहीं, शहरवासियों को शहर में हो रहे विकास कार्यों के तय सीमा के भीतर पूरा होने की उम्मीद बंधी है। शहर में निगम के दर्जनों ऐसे प्रोजेक्ट हैं जो ठेकेदारों की लेटलतीफी से लटके पड़े हैं।

दो साल तक लटका पार्किंग का काम
निगम के अनुसार संजौली की तांत्या पार्किंग का काम अक्तूबर 2012 में पूरा किया जाना था, लेकिन इसका काम अक्तूबर 2014 में जाकर पूरा किया गया। इसी तरह छोटा शिमला और लिफ्ट पार्किंग के निर्माण में भी एक से डेढ़ साल तक की देरी हुई। निगम ने काम में देरी को लेकर लिफ्ट स्थित पार्किंग पर 7500 रुपये प्रतिदिन, छोटा शिमला पार्किंग पर 3750 और संजौली पार्किंग पर करीब पांच हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पैनल्टी लगाई है। इन पार्किंग के ठेकेदारों ने निगम के पास जो सिक्योरिटी मनी जमा करवाई थी, निगम ने उसे अपने खाते में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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देरी पर करनी पड़ी कार्रवाई
तीनों ही पार्किंग का काम पूरा करने में देरी हुई है जिसके चलते जनता को परेशानी झेलनी पड़ी। निगम ने नियमानुसार तीनों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें एक ने पैसा जमा करवा दिया है।
पंकज राय, नगर निगम आयुक्त
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