अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में सड़कों पर अवैध ढंग से गाड़ियां पार्क करने के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम को नोटिस जारी किया है। न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने सरकार से इस बाबत चार सप्ताह के भीतर शपथ पत्र मांगा है, और यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या राज्य सरकार एक ही तरफ से ऑफिस जाने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अपनी अपनी गाड़ियों की बजाय पूल वाली गाड़ी में इकट्ठे आने जाने का प्रावधान बनाया जा सकता है।
शपथ पत्र में यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि गाड़ियों को रोड साइड और नगर निगम की गलियों और नालियों पर क्यों पार्क किया जा रहा है जबकि शिमला में काफी मात्रा में पार्किंग सुविधा उपलब्ध है और पार्किंग का शुल्क भी मामूली है। मामले पर सुनवाई 25 जून को होगी। सतीश कुमार और अन्य ने 11 अप्रैल 2016 को जारी अधिसूचना की अक्षरश: अनुपालना सुनिश्चित करने की हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। इसमें छोटा शिमला-कसुम्पटी सड़क पर तिब्बती स्कूल तक 300 मीटर, छोटा शिमला आइएसबीटी रोड पर नॉलेज वुड तक 500 मीटर और छोटा शिमला संजौली रोड पर हिमाचल भवन तक 500 मीटर तक नो पार्किंग जोन निर्धारित किया गया है। याचिका में मांग की गई है कि जो लोग इस अधिसूचना की अवमानना करते हैं उनके खिलाफ कार्यवाही किए जाने के आदेश जारी किए जाएं। मामले पर सुनवाई 25 जून को होगी।