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टैक्स और पानी बिल के ऑनलाइन भुगतान पर नहीं होगी ओवरचार्जिंग

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अशोक चौहान
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शिमला। शहरवासियों को पानी बिल और संपत्ति कर के ऑनलाइन भुगतान पर अब ज्यादा पैसे नहीं चुकाने पड़ेंगे। नगर निगम की ऑनलाइन सुविधा जल्द ही लोगों को मुफ्त मिलने जा रही है। पानी बिल और संपत्ति कर के ऑनलाइन भुगतान पर हो रही ओवरचार्जिंग की शिकायतों के बाद नगर निगम ने एक प्रस्ताव तैयार कर आईटी विभाग को भेज दिया है। इसमें ऑनलाइन सुविधा के इस्तेमाल पर होने वाली ओवरचार्जिंग खत्म करने को कहा गया है। वर्तमान में कई ऐसे बैंक हैं जो कम या बिना कोई शुल्क लिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा दे रहे हैं।
नगर निगम ने इन्हीं में से किसी बैंक से सहयोग लेकर बिल भुगतान पर लिए जा रहे शुल्क को खत्म करने को कहा है। नगर निगम नौ सेवाएं भी इसी माह के अंत तक ऑनलाइन करने का दावा कर रहा है। इसमें भी ऐसा ही सॉफ्टवेयर और गेटवे देने को कहा गया है जिससे उपभोक्ता को ज्यादा पैसा न चुकाना पड़े। निगम अभियंता विजय गुप्ता का कहना है कि पानी बिल के ऑनलाइन भुगतान पर उपभोक्ताओं को शुल्क देना पड़ रहा है। इसे आईटी सैल के ध्यान में भी लाया गया है।
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2758 के बिल पर देना पड़ रहा 32 रुपये शुल्क
नगर निगम ने करीब 24 हजार उपभोक्ताओं को फ्लैट रेट पर सात माह का बिल जारी कर रखा है। 2758 रुपये के इस बिल के ऑनलाइन भुगतान पर 32 रुपये ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं। जनवरी से अब तक 7034 लोगों ने ऑनलाइन बिल भरे। इसके बदले उनसे 2.25 लाख रुपये ओवरचार्ज किए गए। निगम का कहना है कि एनएसडीएल कंपनी से बिलिंग का गेटवे लिया गया है। कंपनी सेवा के एवज में यह शुल्क लेती है। लोगों के ऐतराज के बाद निगम भी अब बिजली बोर्ड, एलआईसी की तरह मुफ्त में ऑनलाइन सेवाएं देने जा रहा है।
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संपत्ति कर पर भी ओवरचार्जिंग
संपत्ति कर ऑनलाइन भरने पर भी लोगों को ज्यादा पैसा देना पड़ रहा है। न्यू शिमला निवासी सेवक राम ने 2570 रुपये संपत्ति कर भरना था लेकिन ऑनलाइन भुगतान पर उन्हें 2600 रुपये चुकाने पड़े। इसी तरह की शिकायतें मिलने के बाद निगम इसे खत्म करने की तैयारी कर रहा है।
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आयुक्त के ध्यान में लाया मामला
मामला आयुक्त के ध्यान में भी लाया गया है। इसके बाद ऑनलाइन भुगतान पर होने वाली ओवरचार्जिंग खत्म करने के लिए प्रस्ताव आईटी विभाग को भेज दिया है। नए सॉफ्टवेयर में भी निशुल्क सुविधा देने को कहा जा रहा है।
ममता गोयल, आईटी मैनेजर, नगर निगम।
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