500 साल पुराने तांबे के सिक्के
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बैजनाथ महाकाल मंदिर न्यास की ओर से महाकाल मंदिर में करवाए जा रहे जीर्णोद्धार के कार्य के दौरान जलहरी के नीचे पुराने सिक्के मिले हैं। उल्लेखनीय है कि स्वामी रामानंद चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से महाकाल मंदिर के अंदर शिवलिंग के चारों तरफ लगी संगमरमर की जलहरी की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य राजस्थान के प्रसिद्ध शिल्पकार गजानंद की ओर से किया जा रहा है। इस कार्य के दौरान शनिवार को शिवलिंग के नीचे 400 से 500 बरस पुराने सिक्के मिले हैं।
मंदिर के पुजारी रामकुमार शर्मा के अनुसार महाकाल मंदिर ऐतिहासिक शिव मंदिर बैजनाथ में शिवलिंग के नीचे जलहरी के पास मिले तांबे के सिक्के चार सौ से 500 साल पुराने बताए जा रहे हैं। कुछेक सिक्कों में कुछ भी नहीं लिखा हुआ है और यह गोल छेद वाले हैं। इन सिक्कों पर टांकरी और मुगल समय की भाषा लिखी हुई है। इस मौके पर मौजूद मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टियों वीरेंद्र सूद, अनिल कटोच, संजय सकलानी, प्रीतम, संसार चंद राणा, निर्मला ,अजय राणा, रणजीत, सुरेंद्र ने इन सिक्कों को महाकाल मंदिर के संग्रहालय में रखने का निर्णय लिया है।