लोकसभा चुनाव में चारों सीटें हारने के बाद भंग की गई प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी को नए सिरे से गठित करने की तैयारी के बीच पार्टी के भीतर शह-मात का खेल शुरू हो गया है। पार्टी अध्यक्ष कुलदीप राठौर विरोधी गुट केंद्रीय नेताओं के माध्यम से दबाव बनाने में कामयाब हो गया है।
हाईकमान ने अब निर्देश दिए हैं कि नई कार्यकारिणी में पचास फीसदी पुराने चेहरे शामिल रहेंगे। विवाद से बचने के लिए दलील दी है कि क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाकर ही ताजपोशी की जाए।
सूत्रों के अनुसार नई कार्यकारिणी में पचास फीसदी पदाधिकारी ही नए होंगे। राठौर को बाकी पचास फीसदी पुराने पदाधिकारियों को साथ लेकर पार्टी गतिविधियों और कार्यक्रमों को चलाना पड़ेगा।
राठौर से केंद्रीय नेताओं ने साफ कहा है कि प्रदेश में सबको साथ लेकर चला जाए और नई कार्यकारिणी में पचास फीसदी ही नए पदाधिकारी शामिल करें। हाईकमान से मुलाकात के बाद हाल ही में राठौर ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मुलाकात कर एक घंटे तक नई कार्यकारिणी पर चर्चा की है।