पांच किलोवाट तक का सोलर रूफ टॉप प्लांट लगाने में लोड का झंझट खत्म हो गया है। अब बिजली मीटर के स्वीकृत लोड की सौ फीसदी क्षमता का सोलर रूफ टॉप प्लांट लग सकेगा। पहले स्वीकृत लोड का सिर्फ 30 फीसदी सोलर रूफ टॉप प्लांट ही मंजूर किया जा रहा था। केंद्र सरकार ने सौर ऊर्जा के प्रोत्साहन के लिए उपभोक्ताओं को यह बड़ी राहत दी है।
ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि इस नई व्यवस्था से उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि पांच किलोवाट से अधिक क्षमता के प्लांट पर 50 फीसदी लोड स्वीकृत होगा। प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सौर ऊर्जा मेले लगाने का फैसला लिया है।
शिमला तथा मंडी में ऊर्जा मेले लगाए जाएंगे। शिमला में मेला 21-22 नवंबर तथा मंडी में 3-4 दिसंबर को होगा। इस दौरान लोगों को इन संयंत्रों की जानकारी दी जाएगी। जो व्यक्ति संयंत्र लगाने के इच्छुक हैं, उन्हें मेले के दौरान बिजली बोर्ड अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करेगा। पहले दिन सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
दूसरे दिन स्वीकृति पत्र दिया जाएगा। भविष्य में इस तरह के मेले खंड/पंचायत पर भी लगाए जाएंगे। कहा कि सब्सिडी सीधे कंपनी को दी जाएगी। ग्रिड से जुडे़ सोलर पावर प्लांट की दरें 2300 रुपये घट गई हैं।
अब एक किलोवाट का संयंत्र लगाने के लिए उपभोक्ताओं को 11945 रुपये चुकाने होंगे। पहले केंद्र और राज्य सरकार की ओर से दी जा रही 80 फीसदी सब्सिडी के बाद संयंत्र लगाने के लिए उपभोक्ताओं को 14300 रुपये देने पड़ रहे थे।