उपभोक्ता राज्य होने के बावजूद हिमाचल का राजस्व अर्जन आधार वर्ष 2015 के अनुपात में मार्च 2018 तक करीब 46 फीसदी कम रह गया। सरकार ने दावा किया कि इसके पीछे जीएसटी की खामियां वजह रही हैं। इनमें अपडेट न होने से लेकर कर अधिकारियों को जांच करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी लेने जैसी कई वजहें हैं।
इन्हीं कमियों को दूर करने की मांग के साथ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर लक्षित टैक्स में कम अर्जन की वजह से हुए 46 फीसदी टैक्स गैप की भरपाई करने की मांग की है।
जीएसटी लागू होने के दौरान केंद्र ने आश्वस्त किया था कि अगर तय लक्ष्य से कम टैक्स अर्जित होता है तो अगले कुछ साल तक लक्षित टैक्स और अर्जित टैक्स के बीच के 14 फीसदी टैक्स गैप को केंद्र पूरा करेगा।
प्रधान सचिव जेसी शर्मा ने बताया कि मार्च 2018 तक टैक्स में गैप करीब 46.70 फीसदी था, जो जून 2018 में घटकर 36 फीसदी हो गया है। हालांकि, अभी भी कुछ दिक्कतों की वजह से यह गैप बना हुआ है। इसे दूर करने के लिए केंद्र को मुख्यमंत्री की ओर से पत्र लिखा गया है।