बरसात में बाढ़ और भूस्खलन से बेघर हुए 45 परिवारों को जल्द पक्के घर मिलेंगे। जिला प्रशासन ने बेघर लोगों की आर्थिक सहायता के लिए 67.54 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। अब स्वीकृति मिलते ही राहत राशि जारी होगी। इससे लोग नए सिरे से पक्के मकान बना सकेंगे। हिमाचल सरकार की स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत लाभार्थियों को यह पैसा मिलेगा। बरसात के मौसम में बाढ़ और भूस्खलन से जिले के उपमंडलों में गरीबों के आशियाने ढह गए थे।
इस पर लोगों ने प्रशासन से पक्के मकान की उम्मीद जताई थी। जिला कल्याण अधिकारी केआर चौहान ने बताया कि बारिश के बाद उपमंडलों के सभी विकास खंडों के तहसील कल्याण अधिकारियों से सर्वे रिपोर्ट मांगी थी। सर्वे में 45 लोग ऐसे पाए गए हैं, जिनका मकान पूरी तरह से गिर गया था।
सर्वे के बाद सभी लाभार्थियों की मांग प्रशासन को भेजी थी। अब स्वीकृति मिलने के बाद लाभार्थियों को गृह स्वर्ण जयंती आश्रय योजना का लाभ मिलेगा। बताया कि योजना का लाभ अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी के लोगों को दिया जाता है। आवास के लिए प्रशासन की ओर से 1 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि तीन किस्तों में देने का प्रावधान है।
चौपाल में सबसे ज्यादा घर बनाने की मिली स्वीकृति
गृह स्वर्ण जयंती आश्रय योजना में सबसे ज्यादा मकानों की स्वीकृति चौपाल तहसील को मिली है। चौपाल में 15, शिमला ग्रामीण और ठियोग में एक-एक, रामपुर में 8, ननखड़ी में 7, रोहड़ू में 5, कोटखाई और कुमारसैन में दो-दो तथा सुन्नी में 4 मकान बनाने की स्वीकृति मिली है।