अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के लोगों को अभी पानी के संकट से हल्की राहत मिली ही थी कि अब सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है। कई वार्डों में घरों से कूड़ा नहीं उठ रहा। लोगों को खुद ही डस्टबिन उठाने को मजबूर होना पड़ रहा है। नाभा, फागली, न्यू शिमला, मल्याणा, लोअर बाजार, समरहिल, सांगटी वार्डों के कई इलाकों में कूड़ा नहीं उठ रहा है।
वार्डों में कई कर्मचारी काम छोड़कर जा चुके हैं। निगम नई भर्तियां नहीं कर पाया है। कई इलाके ऐसे हैं, जहां पिछले एक महीने से कूड़ा नहीं उठा। पेयजल संकट के बीच लोग शिकायतें तो कर रहे हैं, लेकिन निगम इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। कई कर्मचारी कह रहे हैं कि उन्हें पानी भरने के लिए छुट्टी करनी पड़ रही है। सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह का कहना है कि निगम खाली पद नहीं भर रहा। ऐसे में कई घरों से कूड़ा नहीं उठ रहा। सोसायटी पद भरने की मांग कर रही है।
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सात जून से काम ठप करने की चेतावनी
सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन ने पांच वार्डों में सफाई व्यवस्था आउटसोर्स करने के विरोध में सात जून से काम ठप करने की चेतावनी दी है। यूनियन की सोमवार को एक बैठक हुई जिसमें फैसला लिया गया कि आउटसोर्सिंग होने पर काम ठप कर दिया जाएगा।
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छह जून शाम खुलने हैं टेंडर
शहर के पांच वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर छह जून तक टेंडर कॉल किए गए हैं। इसी दिन शाम को टेंडर खुल सकते हैं। बताया जा रहा है कि तीन ठेकेदार आवेदन करने के लिए तैयार हो गए हैं। ये निगम आयुक्त से भी इस बारे में जानकारी ले चुके हैं। कुल कितने आवेदन आते हैं, इसका पता छह जून की शाम को पता चल जाएगा।
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जल्द भरेंगे खाली पद
वार्डों में कितने पद खाली हैं, इसका रिकॉर्ड लिया जाएगा। जल्द ही इन्हें भरने की कोशिश करेंगे। कोर्ट ने कर्मचारियों को सख्त आदेश दिए हैं। इसके बाद भी यदि कर्मचारी काम ठप करते हैं तो कार्रवाई होगी।
रोहित जमवाल, नगर निगम आयुक्त