अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आपसी खींचतान के बाद आखिरकार 17 पार्षद मेयर कुसुम सदरेट की अगुवाई में केरल रवाना हो रहे हैं। इनके साथ निगम के दस अफसर भी जा रहे हैं। ये सभी केरल में एक से तीन फरवरी तक चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।
सभी पार्षद 30 या 31 जनवरी को फ्लाइट से केरल रवाना होंगे। सोमवार को मेयर ऑफिस से टिकट बुकिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने पहले ग्र्रुप में केरल जा रहे सभी पार्षदों को इसकी सूचना दे दी है। हालांकि, 17 पार्षदों की लिस्ट में कौन कौन शामिल है, इसे अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। दो ग्रुप में पार्षदों को बांटने को लेकर विवाद न हो, इसके लिए मेयर ऑफिस से रवानगी से ठीक पहले सोमवार को यह सूची जारी की जाएगी। अमृत मिशन में सभी पार्षदों को एक्सपोजर विजिट के लिए केरल ले जाया जा रहा है। पहले सभी पार्षद एक साथ विजिट पर जाने वाले थे, लेकिन बाद में दो ग्रुप बना दिए गए। इनमें एक मुंबई जबकि दूसरा केरल जाने वाला था। लेकिन ज्यादातर केरल जाने पर अड़े थे। ऐसे में मुंबई दौरा रद्द करना पड़ा। अब सभी बारी बारी केरल जाएंगे।
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पहले ये पार्षद जा सकते है केरल
सूत्रों के अनुसार पहले ग्रुप में मेयर कुसुम सदरेट, आरती चौहान, सुनील धर, दिवाकर शर्मा, राकेश चौहान, किरण बावा, संजय परमार, जगजीत सिंह बग्गा, आशा शर्मा का नाम तय माना जा रहा है। पार्षदों को दो ग्रुप में बांटने को लेकर पिक एंड चूज के भी आरोप लग चुके हैं। वहीं, मेयर का तर्क है कि यदि सभी लोग एकसाथ केरल जाएंगे तो शहर में व्यवस्था बिगड़ सकती है। लोगों की समस्याएं सुनने के लिए पार्षद और अधिकारी शहर में होने चाहिए।
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दौरे से ठीक पहले भी विवाद
शनिवार को नगर निगम की बैठक के बाद सूचना मिली कि केरल में जिस संस्थान में प्रशिक्षण करवाना है, वहां एक से तीन फरवरी तक ट्रेनिंग करवा सकते हैं। टुअर की फाइल शहरी विकास विभाग के पास थी। इस पर संबंधित मंत्री पहले ही अनुमति दे चुकी थी। सिर्फ मुख्यमंत्री की मंजूरी बाकी थी। ऐसे में मेयर के साथ कुछ पार्षद देर शाम सचिवालय पहुंचे। यहां फाइल निकलवाई और संबंधित सचिव से बात की। सूत्रों के अनुसार विभाग ने सभी पार्षदों को एकसाथ जाने की भी अनुमति दी थी। अफसरों की जगह सभी पार्षदों को एकसाथ भेजने की तैयारी थी। लेकिन कुछ लोग इस पर अड़ गए। बाद में दो ग्रुप बनाने पर सहमति बनी।