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जल संकट पर नगर निगम के हाथ खड़े, सर्दियों में शुरू कर दी राशनिंग

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। गर्मियों के मौसम में लगातार पानी की किल्लत झेल रही शिमला की पब्लिक को सर्दियों में भी राहत नहीं मिली है। पानी के संकट से निपटने के लिए फिलहाल नगर निगम ने एक तरह से अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। अब नगर निगम ने सर्दियों में पानी की राशनिंग शुरू कर दी है। शहर के कई क्षेत्रों में तीसरे दिन पानी की सप्लाई जा रही है। कुछ वार्ड ऐसे भी हैं जहां हफ्ते में एक या दो बार ही पानी की सप्लाई हो रही है। नगर निगम का तर्क है कि तीन महीने के ड्राई स्पैल के बाद शहर को पानी की आपूर्ति करने वाली परियोजना में जलस्तर घट गया है, जिसके कारण शहर को मांग के अनुरूप पूरा पानी नहीं मिल पा रहा। वीरवार को भी शहर को 36 एमएलडी ही पानी की सप्लाई हुई। पानी की कमी के कारण न सिर्फ स्थानीय लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है बल्कि पर्यटन कारोबारी को भी अपने कारोबार की चिंता सता रही है।
पिछले करीब दो हफ्तों से शहर को मांग के अनुरूप कम पानी की सप्लाई मिल रही है जिसकी वजह से अधिकतर क्षेत्रों में पानी की नियमित सप्लाई नहीं हो पा रही है। गिरी परियोजना से वीरवार को शहर को 15 एमएलडी पानी मिला जो सामान्य से कम है। गुम्मा परियोजना से भी शहर को महज 19 एमएलडी ही पानी मिल पाया। सियोग परियोजना से शहर को पानी की आपूर्ति ही नहीं हो पाई। कोटी बरांडी, चेयड़ और नोटी खड्ड परियोजना से भी सामान्य के मुकाबले कम पानी की सप्लाई हुई है।
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परियोजनाओं में गिर गया जलस्तर
बारिश और बर्फबारी न होने के कारण परियोजनाओं में जलस्तर लगातार गिर रहा है। शहर को सभी परियोजनाओं से जितना पानी मिल रहा है उसे पूरे शहर में बराबर बांटने का प्रयास किया जा रहा है। कई क्षेत्रों में एक दिन छोड़ कर भी पानी देना पड़ रहा है।
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- रोहित जम्वाल, आयुक्त नगर निगम शिमला
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पानी में हो सकता है हेपेटाइटिस ए और ई, उबाल कर पीएं पानी
नगर निगम ने शहर के लोगों से पानी 15 मिनट तक उबालकर पीने की अपील की है। लंबे ड्राई स्पेल के चलते पानी में हेपेटाइटिस ए और ई का वायरस होने की संभावना है। निगम आयुक्त की ओर से इसे लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। आयुक्त ने कहा है कि लंबे समय से बारिश और बर्फबारी नहीं हुई है ऐसे में पेयजल स्रोतों का पानी दूषित होने की संभावना रहती है। हालांकि नगर निगम नियमित रूप से पानी की क्लोरीनेशन कर रहा है बावजूद इसके पानी पीने से पहले 15 मिनट उबालना जरूरी है, ताकि शहर में पीलिया फैलने की घटना दोबारा न हो।
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