आईजीएमसी में स्थित एसआरएल लैब में बिजली गुल होने के कारण सोमवार को टेस्ट दोपहर दो बजे की बाद ही हो पाए। इससे पहले टेस्ट न होने के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसे में मरीजों को लैब के परिसर में बैठकर लाइट के आने का इंतजार करना पड़ा। प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में स्थापित एसआरएल लैब में सोमवार को अचानक लाइट चली गई थी।
बिजली गुल होने के कारण लैब में स्थापित करोड़ों रुपयों की मशीन व कंप्यूटर सिस्टम ठप हो गया। इससे कामकाज भी प्रभावित हुआ। ऐसे में दोपहर 12 बजे के बाद सैकड़ों की तादाद में टेस्ट करवाने आए मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। दूसरी ओर लैब की ओर से मरीजों को दी जाने वाली बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के दावों की पोल भी खुल गई। अस्पताल में सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक ही सरकारी लैब में टेस्ट होते हैं। दोपहर बारह बजे के बाद अगली सुबह नौ बजे तक एसआरएल लैब में टेस्ट किए जाते है। लेकिन इस बीच अचानक लाइट जाने के कारण मरीज परेशान रहे। मरीजों के ब्लड, शुगर टेस्ट, यूरिया क्रेटनाइन, एलएफटी सहित अन्य टेस्ट मशीन बंद होने के कारण नहीं हो पाए। उधर, आईजीएमसी एसआरएल लैब की इंचार्ज डॉ. शैलेजा ने बताया कि लैब में लाइट गई थी। आधे घंटे बाद लाइट आ गई थी। इसके बाद सुचारु रूप से मरीजों के नियमित टेस्ट किए गए है।
तीन बजे तक लाइनों में रहे खड़े
शिमला के नीरज ने बताया कि लाइट जाने के कारण मरीज परेशान हुए। तीन बजे तक मरीज लाइनों में टेस्ट की फीस जमा करवाने के लिए खड़े रहे।
बिना टेस्ट करवाए लौटे
ठियोग के सुरेश शर्मा ने बताया कि लाइट नहीं थी तो फीस भी जमा नहीं हो पाई। इससे बिना टेस्ट करवाएं ही वापस जाना पड़ा।